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जयपुर। देश के नेशनल हाईवे पर इस वक्त 983 टोल प्लाजा चल रहे हैं। नेशनल हाईवे मामले में महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश सबसे ऊपर है और राजस्थान तीसरे नम्बर पर है, लेकिन टोल वसूली में राजस्थान सबसे ऊपर है। राजस्थान में सर्वाधिक 142 टोल प्लाजा है जहां वाहन चालकों को भारी भरकम टोल चुकाना पड़ रहा है। टोल वसूली में दूसरे नंबर पर 102 टोल प्लाजा के साथ उत्तर प्रदेश है।
देश के कुल 983 टोल प्लाजा में से 457 टोल प्लाजा पिछले पांच साल में शुरू हुए हैं। इस मामले में भी राजस्थान अव्वल है, जहां पिछले पांच साल में सर्वाधिक 58 टोल प्लाजा शुरू किए गए हैं। राजस्थान में दस हजार किलोमीटर से ज्यादा नेशनल हाईवे पर यह टोला स्थापित है, जबकि महाराष्ट्र में 18 हजार किलोमीटर से ज्यादा नेशनल हाईवे का जाल है और वहां सिर्फ 81 टोल प्लाजा ही है सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब देश में सड़कों के मामले में राजस्थान तीसरे नम्बर पर है तो फिर टोला प्लाजा के मामले में नम्बर एक पर कैसे आया?
राजस्थान में टोल वसूली की राशि 2009 में 3 हजार 649 करोड़ रुपए थी. वहीं 2023-24 में बढ़कर 5 हजार 954 करोड़
पर पहुंच गई। पांच साल में प्रदेश के टोल प्लाजा पर वाहनों से करीब 22 हजार 97 करोड़ गए हैं। यह दोनों ही राशि देश में सर्वाधिक है।
अजमेर-दिल्ली नेशनल हाईवे एनएचएआई को सबसे ज्यादा कमाई करके दे रहा है। पांच साल में अकेले शाहजहांपुर टोल प्लाजा पर वाहनों से हजार 884.45 करोड़ रुपए टोल के रूप में वसूले गए हैं। यह देश में किसी एक टोल प्लाजा पर वसूली गई दूसरी सबसे बड़ी रकम है। बगरु के पास अजमेर-दिल्ली नेशनल हाईवे का ठीकरिया टोल प्लाजा पर 1 हजार 161.19 करोड़ की वसूली हुई है। यह प्लाजा कमाई के मामले में सातवें नंबर पर है।
Updated on:
23 Oct 2024 02:36 pm
Published on:
16 Sept 2024 08:44 am
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