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Baur reservoir|| पर्यटक उठा सकेंगे वॉटर बेस्ड टूरिज्म का लुत्फ

कार्बेट के पर्यटकों को आकर्षित करेगा बौर जलाशयपर्यटक उठा सकेंगे वॉटर बेस्ड टूरिज्म का लुत्फवॉटर स्पोट्र्स के लिए विकसित बौर जलाशयसरकार ने घोषित किया नया पर्यटन केंद्र

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जयपुर

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Rakhi Hajela

Feb 09, 2020

विश्व प्रसिद्ध जिम कार्बेट पार्क के साथ साथ उत्तराखंड आने वाले देशी.विदेशी पर्यटक अब वाटर बेस्ड टूरिज्म का लुत्फ भी उठा सकेंगे। रामनगर के कॉर्बेट पार्क से ऊधमसिंह नगर जिले के बौर जलाशय को जोड़कर यह राह आसान की जाएगी। इसके लिए हाल में वाटर स्पो‌ट्र्स के लिहाज से विकसित हुए बौर जलाशय से कॉर्बेट के लिए सीधी जिप्सी सेवा संचालित की जाएगी। आपको बता दें कि नैनीताल जिले के रामनगर स्थित जिम कार्बेट पार्क में बाघ, हाथी, तेंदुआ, हिरन, घड़ियाल समेत सैकड़ों प्रजाति पशु.पक्षियों और प्रकृति के दीदार करने के लिए प्रतिवर्ष लाखों देशी.विदेशी सैलानी पहुंचते हैं। कार्बेट पार्क में सैर के लिए पर्यटकों को वहीं की अधिकृत जिप्सी बुक करानी होती है। इसी दायरे में रामनगर का नया गांव भी स्थित है। जहां प्राकृतिक वाटर फॉल है। पर्यटन विभाग और प्रशासन ने नया गांव से ही गूलरभोज स्थित बौर जलाशय तक के रास्ते को दोनों पर्यटक स्थलों के लिहाज से मार्ग के रूप में चयनित किया है। इस मार्ग पर जिप्सी सेवा संचालित कर पर्यटकों को बौर जलाशय के दीदार कराए जाएंगे।

35 किमी का सफर 40 मिनट में
आपको बता दें कि रामनगर के नया गांव से बौर जलाशय तक की दूरी 35 किलोमीटर है। जिसे जिप्सी से करीब 40 मिनट में तय किया जा सकता है। नया गांव से बरहैनी, बेरिया दौलत बाजपुर होते हुए बौर जलाशय गूलरभोज का सफर तय होगा। कुमाऊं कमिश्नर राजीव रौतेला ने इस रूट को मंजूरी दे दी है। इस रूट में तमाम जगहों पर होर्डिग व साइनेज लगाकर पर्यटकों को जानकारी भी दी जाएगी।
राज्य सरकार ने घोषित किया पर्यटन केंद्र
गौरतलब है कि राज्य सरकार ने 13 जिले 13 डेस्टिनेशन प्रोग्राम के तहत बौर व हरिपुरा जलाशय को पर्यटन केंद्र घोषित कर दिया है। अब जल्द ही यहां का सौंदर्यीकरण करवाया जाएगा साथ ही होटल, रेस्तरां, बोट हाउस, मोटर बोट सहित कई प्रकार के कार्य प्रारंभ किए जाएंगे जिससे यहां के लोगों को रोजगार के भी अवसर मिलेंगे।

साढ़े नौ किमी लंबा है बौर जलाशय
जानकारी के मुताबिक बौर जलाशय का क्षेत्रफल 1626 हेक्टेयर और लंबाई 9.5 किमी है। इसमें पहाड़ी क्षेत्र से बौर और ककराला मुख्य नदियां आती हैं। जलाशय की बौर और ककराला नदियों से उत्तराखंड और यूपी की खरीफ में 16554 और रवि में 5663 हेक्टेयर भूमि की सिंचाई होती है। बौर जलाशय को कॉर्बेट पार्क से जोड़ा जा रहा है। जिससे कार्बेट पार्क आने वाले पर्यटक बौर में नौकायन, मोटरबोट समेत तमाम अन्य गतिविधियों का आनंद ले सकेंगे।

सैर सपाटे का मूड है तो जाएं बौर जलाशय
यदि आपका मूड सैर सपाटे का है तो वीक एंड पर आप बौर जलाशय जा सकते हैं। यहां मस्ती के पूरे इंतजाम हैं। बौर जलाशय गलूरभोज को बहुत ही सुंदर तरीके से विकसित किया है, जहां आप परिवार के साथ दिन गुजार सकते हैं।
जिला मुख्यालय से 22 किलोमीटर दूर दिनेशपुर अथवा गदरपुर होते हुए गूलरभोज के रास्ते आप परिवार के साथ बौर जलाशय जा सकते हैं। हालांकि अभी रात्रि में ठहरने का इंतजाम नहीं है, लेकिन यह व्यवस्था भी जल्द ही हो जाएगी। इसे पीपीडी मोड पर विकसित किया गया है। सबसे बड़ी बात यह है कि यहां पर्यटकों की हर प्रकार से सुरक्षा के इंतजाम किए गए हैं। अब आपको नौकायान करने के लिए नैनीताल जाने की जरूरत नहीं है। यह सुविधा यहां उपलब्ध है वह भी काफी बाजिव दाम पर। लोग वीक एंड पर यहां नौकायान करके लुफ्त उठा सकते हैं। जहां तक सड़क की बात है वह भी जल्द ही ठीक हो जाएगी। बौर जलाशय पर अब काफी रौनक दिखाई देने लगी है। काफी संख्या में पर्यटक यहां पहुंचने लगे हैं। धीरे धीरे यहां बेहद रमणीक वातावरण कायम होने लगा है। पर्यावरण की दृष्टि से भी यह स्थान बहुत अच्छा है। यहां आप स्वच्छ प्राकृतिक हवा का आनंद उठा सकते हैं। सेल्फी लेने वालों के लिए भी यह स्थान काफी खूबसरत साबित होगा। भविष्य में यहां सेल्फी प्वाइंट भी बनाने की योजना है।