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ओवर स्पीड के साथ हरकत पर भी रहेगी ट्रेफिक पुलिस की नजर

शहर में तेज गति से वाहन चलाने वाले सावधान! यातायात पुलिस अब वाहन की गति के साथ अंदर की जाने वाली मस्ती पर भी नजर रख रही है। आंखों को चुंधिया देने वाली लाइट भी धोखा नहीं दे सकती। एक किलोमीटर पहले सी पुलिस वाहन की गति के साथ अंदर चल रही गतिविधि को भी रिकॉर्ड कर लेगी।

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देवेन्द्र शर्मा शास्त्री
जयपुर। शहर में तेज गति से वाहन चलाने वाले सावधान! यातायात पुलिस अब वाहन की गति के साथ अंदर की जाने वाली मस्ती पर भी नजर रख रही है। आंखों को चुंधिया देने वाली लाइट भी धोखा नहीं दे सकती। एक किलोमीटर पहले सी पुलिस वाहन की गति के साथ अंदर चल रही गतिविधि को भी रिकॉर्ड कर लेगी। इसके लिए यातायात पुलिस के पास डिजीटल मीटर वाली इंटर सेप्टर गाडिय़ां और स्पीड राडार गन आ गई है। जयपुर शहर में चार इंटरसेप्टर वाहनों को अब रात के समय भी तैनात किया जाने लगा है। इसके अलावा करीब एक दर्जन स्पीड राडार गन भी उपलब्ध करवा दी गई है।

हाई डेफिनेशन कैमरा: वाहन के अंदर तक की फोटो लेने में समक्ष
नए इंटरसेप्टर वाहन में स्पीड राडार गन के साथ उच्च गुणवत्ता वाले हाई डेफिनेशन कैमरा, ध्वनि प्रदूषण मापक यंत्र, काली फिल्म रीडर मीटर, जी.पी.एस और ब्रेथ एनेलाइजर भी लगा हुआ है। इससे वाहन की गति नापने के साथ वाहन के अंदर का भी फोटो लिया जा सकता है। ओवर स्पीड वाहनों के चालान के साथ इंटरसेप्टर से ही बिना सीट बेल्ट, हेलमेट व काली फिल्म का ई-चालान करने के साथ वाहन के अंदर की गतिविधियों को भी रिकार्ड किया जा सकता है। स्पीड राडार गन से दिन में 250 और रात के समय में 100 मीटर की दूरी से वाहन की नंबर प्लेट की पहचान की जा सकती है।

पिछले माह खरीदी थी 25 हाइटेक इंटरसेप्टर
प्रदेश में पिछले माह 25 हाइटेक इंटरसेप्टर खरीदी गई थी। इनमें से चार जयपुर आयुक्तालय क्षेत्र में तैनात की गई है। इसके अलावा दो-दो अजमेर, जयपुर ग्रामीण, सीकर, एक-एक भीलवाड़ा नागौर, बाड़मेर, भरतपुर, बीकानेर, पाली, अलवर, झुंझुनूं, जोधपुर ग्रामीण, झालावाड़ सिरोही और कोटा शहर को दी गई है। इनसे ई-चालान किए जा रहे हैं।

पहले रात के समय नहीं हो पाते थे चालान
यातायात पुलिस के पास पहले से 67 इंटरसेप्टर गाडिय़ा है। लेकिन यह गाडिय़ां रात के समय वाहनों की नंबर प्लेट पढऩे में सक्षम नहीं है। ऐसे में इन वाहनों की रात के समय तैनाती नहीं की जाती थी।

नए इंटरसेप्टर वाहन रात के समय गाड़ी की नंबर प्लेट पढऩे के साथ अंदर की गतिविधियों को भी रिकार्ड करने में सक्षम है। जयपुर शहर में चार इंटरसेप्टर वाहनों को अब रात के समय भी तैनात किया जा रहा है। इसके साथ ही एक दर्जन स्पीड राडार गन भी उपलब्ध करवाई गई है। इससे सड़क हादसों में कमी आएगी।
वी.के.सिंह अतिरिक्त महानिदेशक यातायात