
घर के राशन पर संकट, आटा, चीनी आदि खाद्य पदार्थ हुए महंगे, राशन के सामान पर 15 से 20 फीसदी मंहगाई बढ़ी
विजय शर्मा / जयपुर. ट्रांसपोर्टर्स की हड़ताल के चलते दिनों-दिन हालात बिगड़ते जा रहे हैं। हड़ताल का असर अब घर की रसोई पर पड़ रहा है। आटे से लेकर गेहूं, चीनी, चना यानी राशन का अधिकतर सामान महंगा हो गया है। राशन पर आ रही अचानक तेजी से जहां जनता परेशान हैं, वहीं व्यापारी वर्ग भी चिंतित है। ट्रकों की हड़ताल के कारणर शहर में बाहरी राज्यों से खाद्य वस्तुए नहीं आ रही हैं। ना ही तैयार माल बाहर जा पा रहा है। ऐसे में शहर की बड़ी मंडियों और फैक्ट्रियां बंद होने के कगार पर है।
जयपुर की बात करें तो दो बड़ी मंडी सूरजपोल और कूकरखेड़ा से खाद्य वस्तुओं की सप्लाई जयपुर और आस-पास इलाकों में की जाती है। लेकिन आठ दिन से चल रही हड़ताल के कारण बड़े व्यापारियों का स्टोक तक खत्म हो गया है। इसका असर यह पड़ा है कि जयपुर में 50 हजार से ज्यादा परचून दुकानों पर खाद्य वस्तुओं का संकट खड़ा हो गया है। किल्लत के चलते सभी वस्तुओं के भाव 10-15 फीसदी महंगे हो गए हैं। जयपुर में परचून ट्रांसपोर्ट से 200 से अधिक ट्रक सूरजपोल और कूकरखेड़ा मंडियों में उतरते थे। आज स्थिति यह है कि दोनों मंडियों की 400 से अधिक दुकानों पर सन्नाटा पसरा हुआ है।
व्यापारियों का कहना है कि 2-3 दिन हड़ताल और चली तो घर पर खाने के संकट पैदा हो जाएंगे। इधर हड़ताल के कारण कच्चे माल की किल्लत और माल बाहर ना जाने की समस्या से जूझ रही फैक्ट्रियां भी बंद होने के कगार है। जयपुर ट्रांसपोर्ट ऑपरेटर्स एसोसिएशन के महामंत्री अनिल आनंद के अनुसार शुक्रवार को विश्वकर्मा एसोसिएशन ने भी ट्रांसपोर्ट हड़ताल को समर्थन दे दिया। इससे करीब 1400 से अधिक फैक्ट्रियां बंद हो गई है और कुछ बंद होने के कगार पर है। इसके अलावा राजस्थान ऑटो मोबाइल डीलर्स एसोसिएशन की ओर से भी हड़ताल को समर्थन मिला है।
मॉल में भी माल की किल्लत आई
शहर में बड़े-बड़े मॉल पर भी हड़ताल का असर देखने को मिल रहा है। ट्रकों के चक्काजाम के चलते मॉल में भी खाद्य सहित अन्य वस्तुए नहीं आ पा रही है। ऐसे में अब स्टोक धीरे-धीरे खत्म होने लगा है। त्यौहारी सीजन में अचानक महंगाई बढऩे और सामान की किल्लत से लोग परेशान है।
Published on:
27 Jul 2018 06:32 pm
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