19 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

विधानसभा में माल और सेवाकर संशोधन के दो बिल पा​स, कई प्रावधान किए सरकार ने

राज्य विधानसभा में आज राजस्थान माल एवं विक्रय सेवा कर के दो संशोधन विधेयक 2020 पर चर्चा हुई।

2 min read
Google source verification

जयपुर

image

Rahul Singh

Aug 24, 2020

jaipur

rajasthan assembly

जयपुर। राज्य विधानसभा में आज राजस्थान माल एवं विक्रय सेवा कर के दो संशोधन विधेयक 2020 पर चर्चा हुई। बहस के दौरान विपक्ष की ओर से नेता प्रतिपक्ष गुलाब चंद कटारिया और उपनेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ सरकार पर हमलावर रहे। उपनेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ ने कहा कि ‘वन नेशन वन टैक्स’ का कॉन्सेप्ट देशभर में लागू हुआ है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष का हवाला ददते हुए कहा कि 4 साल में अर्थव्यवस्था में गिरावट आई। कोरोना से संकट और बढ़ा हैं। जीएसटी में भी कमी आई है।

राजस्थान को उसका हिस्सा मिला—
वहीं प्रतिपक्ष के नेता गुलाबचंद कटारिया ने कहा कि कोरोना के कारण आर्थिक हालात खराब हुई है। वैसे केंद्र सरकार ने राजस्थान का हिस्सा तो 12 हजार करोड़ रुपए दे दिया है। कटारिया ने कहा कि टैक्स कलेक्शन बढ़ाने के लिए आप धारा में बदलाव कर रहे हो।

जीएसटी आने के बाद अब तक 471 संशोधन—

विपक्ष के एतराज़ के बाद संसदीय कार्य मंत्री शांति धारीवाल ने कहा कि केंद्र ने जो संशोधन किया है उसी के अनुरूप राज्य सरकार संशोधन कर रही है। इसलिए भाजपा को इस पर आपत्ति नहीं करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार वर्ष 2017 में जीएसटी लेकर आई, उसमें कई विसंगतियां रहीं। तब से लेकर अब तक 471 बार संशोधन कर चुके हैं। ऐसे में साफ़ है कि जीएसटी जल्दबाजी में लाई गई। धारीवाल ने कहा कि राज्य को केंद्र से मिलने वाले 6 हज़ार 980 करोड़ रुपए अब तक बकाया हैं।

संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान माकपा विधायक गिरधारी लाल ने भी हिस्सा लिया। भाजपा विधायक अशोक लाहोटी ने बहस में कहा कि वेट से सम्बन्धित रिफंड का मामला पेंडिंग चल रहा है। एमनेस्टी स्कीम को भी इसमें नहीं जोड़ा गया है। आखिर में मंत्री शांति धारीवाल के जवाब के बाद माल और सेवा कर दूसरा और तीसरा संशोधन विधेयक पास हो गया।

दण्ड का प्रावधान
उन्होंने बताया कि जम्मू कश्मीर की संवैधानिक स्थिति के परिवर्तन के फलस्वरूप संघ और राज्य क्षेत्र की परिभाषा को संशोधित किया गया है। विधेयक में कंपोजिशन स्कीम, प्रक्रियागत सरलीकरण, वॉलेन्टीयर रजिस्ट्रेशन के केन्सीलेशन तथा आइटीसी का उपयोग करने के लिए समय सीमा में संशोधन किया गया है। इसके अतिरिक्त विधेयक में कपटपूर्वक अन्य के नाम पर फायदा उठाने वाले पंजीकृत व अपंजीकृत व्यक्ति के विरूद्ध दण्ड का प्रावधान किया गया है। उन्होंने बताया कि अधिनियम की धारा 172 के तहत रिमूवल ऑफ द डिफीकल्टी ऑर्डर जारी किये गये हैं जिसकी समय सीमा भी 2 वर्ष बढ़ाई गई है।


बड़ी खबरें

View All

जयपुर

राजस्थान न्यूज़

ट्रेंडिंग