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लोगों को खुशियां बांटने के लिए इन दोस्तों ने जो किया, वो काबिले तारीफ है

— कोरोना की बंदिशों से परेशान लोगों में नई ऊर्जा भरने के लिए दो दोस्तों ने शुरू किया ट्रेजर हंट

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लोगों को खुशियां बांटने के लिए इन दोस्तों ने जो किया, वो काबिले तारीफ है

लोगों को खुशियां बांटने के लिए इन दोस्तों ने जो किया, वो काबिले तारीफ है

- ऑनलाइन पोस्ट करते हैं सुराग- खजाने में मिलते हैं करीब साढ़े सात लाख रुपए, चांदी के सिक्के और गिफ्ट


जयपुर। भारत ही नहीं कोरोना ने पूरे विश्व को प्रभावित किया है। एक ओर जहां लोगों ने इस वायरस का दंश झेला, वहीं दूसरी ओर लोगों ने खुले दिल से लोगों की मदद की। जयपुर के कई युवा और संगठन भी लोगों की मदद को आगे आए। वहीं अमरीका के दो युवाओं ने तो मिसाल ही बना दी।
अपने लिए जिए तो क्या जिए, ऐ दिल तू जी दूसरों के लिए, अमरीका के दो दोस्त इसी पर अमल करते हुए दूसरों को खुशियां बांट रहे हैं। कोरोना काल में लॉकडाउन के कारण परेशान लोगों ने फिर से नई ऊर्जा का संचार करने के लिए यूटा के दो दोस्तों ने अपने स्तर पर 'ट्रेजर हंट Ó खेल शुरू किया है। खास बात यह है कि इस खेल में एक दो लोग नहीं पूरा शहर हिस्सा ले सकता है। जॉन मैक्सिम और डेविड क्लाइन इस खेल के न सिर्फ इनाम की राशि रखते हैं, बल्कि इस खजाने को खोजने के लिए ऑनलाइन सुराग भी पोस्ट करते हैं। इन सुरागों के आधार पर खजाना खोजने वाले को पूरी राशि मिल जाती है। जॉन मैक्सिम और डेविड क्लाइन बताते हैं कि उन्होंने पिछले साल कोरोना के बाद हुए अनलॉक में इस खेल की शुरुआत की थी। पिछले साल इस खेल में पांच हजार डॉलर का इनाम रखा गया था। जिसे पहाड़ों पर छिपाया गया था। उस समय लोगों ने मिलकर इसे खोजा और मात्र चार दिनों में ही खजाना मिल गया था। इस साल फिर से यह खेल शुरू किया गया है। इस बार इसमें इनाम की राशि दस हजार डॉलर यानी करीब साढ़े सात लाख रुपए है। साथ ही चांदी के सिक्के और खास उपहार भी है।

कविताओं के रूप में देते हैं सुराग

क्लाइन का कहना है कि हमें महसूस हुआ कि कोरोना के कारण लोगों का मनोबल टूट गया है। सभी लंबे समय तक घरों में कैद रहे। ऐसे में खजाने की खोज उनमें नया उत्साह भर देती है। इसके लिए कविताओं के रूप में सुराग दिए जाते हैं। अभी चल रही खोज में अब तक एक हजार से ज्यादा लोग जुड़ चुके हैं।