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संतरी ने देखी जेल की दीवार से बंधी रस्सी…उड़ेे अफसरों के होश

बांदीकुई जेल से बीती रात दो बंदी फरार हो गए। आज सवेरे जब संतरी ने दीवार से रस्सी बंधी देखी तो इस बारे में जेल अफसरों को सूचना दी।

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बिजलीघर लूटने और गार्ड से मारपीट का था आरोप

जयपुर/बांदीकुई

बांदीकुई जेल से बीती रात दो बंदी फरार हो गए। दोनों आरोपी रस्सी के सहारे दीवार फांदकर भाग गए। आज सवेरे जब संतरी ने दीवार से रस्सी बंधी देखी तो इस बारे में जेल अफसरों को सूचना दी। जेल अफसरों ने जांच की तो पता चला कि दोनों फरार बंदी लूट और मारपीट के मामले में पकड़े गए थे। दोनों की तलाश में जिले भर में नाकाबंदी कराई गई है। जेल में बंद अन्य बंदियों से भी पूछताछ की जा रही है।
अलवर के रहने वाले थे दोनों
जेल अफसरों का कहना है कि रात करीब बारह बजे के बाद भी सुरक्षा चैकिंग की गई थी, तब तक सब कुछ सही थी, लेकिन आज सवेरे जब संतरी ने जेल की सुरक्षा व्यवस्था की जांच की तो दीवार के सहारे एक रस्सी दिखी। मामले की जांच में पता चला कि इरशाद और साबिर नाम के दो बदमाश फरार हैं। दोनों दौसा में बिजलीघर लूट के आरोपी थे। इरशाद अलवर और साबिर मेवात क्षेत्र का बताया जा रहा है। दौसा पुलिस ने दो टीमें उनके घर भी भेजी हैं।

जेल में बंद अन्य बंदियों से भी पूछताछ की जा रही
प्राथमिक जांच में सामने आया है कि साबिर और इरशाद को करीब पांच से छह महीने पहले ही दौसा पुलिस ने बड़ी मुश्किल से दबोचा था। बसवा थाना पुलिस ने दोनों को दबोचा था। दोनों ने कपड़े से गूंथकर रस्सी बनाई और उसके बाद रस्सी की मदद से दोनों फरार हो गए। पुलिस उनके साथ बंद अन्य बंदियों से भी पूछताछ कर रही है। संतरी और जेल स्टाफ से भी इस बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।


बंदियों-प्रहरियों की मिलीभगत कई बार सामने आई
जेलों में बंदियों और प्रहरियों की मिलीभगत भी कई बार सामने आई है। सेंट्रल जेलों को छोड़ दिया जाए तो जिला जेलों में तो सुरक्षा के हालात और भी ज्यादा खराब हैं। कई जिलों में तो सुरक्षा दीवारों पर करंट तक नहीं है। वॉच टॉवर भी क्षतिग्रस्त हो चुके हैं जिनसे कैदियों पर नजर रखी जाती है।

इसी सप्ताह हाईकोर्ट ने लगाई थी फटकार
दरअसल जेल और जेल की सुरक्षा को लेकर न्याय मित्र जेल के अफसरों को लगातार घेरते रहे हैं। इसी सप्ताह हाईकोर्ट ने भी जेल अफसरों को सुरक्षा और अन्य मामलों को लेकर फटकार लगाई है। कोर्ट की ओर से पैरवी करने वाले न्याय मित्र प्रतीक कासलीवाल का कहना है कि जेलों में सुरक्षा के हालात बेहद खराब हैं। मोबाइल फोन का प्रयोग तेजी से बढ़ रहा है। जेलों में बीस करोड़ की लागत से जो जैमर लगाए गए हैं। वे लगभग बंद हैं।

हिस्ट्रीशीटर ने खुद पर किया ब्लेड से हमला
बाड़मेर के बालोतरा में स्थित जेल में बंद हिस्ट्रीशीटर बाबूड़ा ने आज सवेरे खुद को ब्लेड मारकर घायल कर लिया। उसे जेल गार्ड जोधपुर लेकर जा रहे थे। उसने जेल प्रशासन पर मारपीट करने और वसूली करने का आरोप लगाया है। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। उसके शरीर पर ब्लेड से कई कट लगे हुए थे। उच्च अधिकारी मामले की जांच कर रहे हैं। उसके पास ब्लेड कहां से आई, इसकी भी जांच की जा रही है।