
Pakistan : ट्रेन से पचास पाक विस्थापित पहुंचेे, खुफिया एजेंसी ने रोका
पाकिस्तान में धार्मिक उत्पीड़न से परेशान होकर भारत में शरण लेने वालों का सिलसिला बदस्तूर जारी है। पिछले साल भी 2,000 से अधिक पाकिस्तानी अल्पसंख्यक हिंदुओं ने भारत में शरण ली। केंद्रीय गृह मंत्रालय की वर्ष 2021-22 की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, मंत्रालय ने उत्पीड़न का शिकार होकर भारत पहुंचे 2439 पाकिस्तानी हिंदुओं को दीर्घावधि वीजा (एलटीवी) जारी किया है।
भारत में शरण लेने आने वाले पाकिस्तानी अल्पसंख्यकों को भारत में ही रहने का शपथ पत्र देने और पाकिस्तानी पासपोर्ट सरेंडर करने पर इस तरह का वीजा दिया जाता है। अफगानिस्तान के 237 और बांग्लादेश के नौ अल्पसंख्यकों को भी पिछले वर्ष एलटीवी प्रदान किया गया। देश में 29 जिला कलक्टर व नौ राज्यों के गृह सचिवों को तीनों पड़ोसी देशों के प्रताड़ित अल्पसंख्यकों को नागरिकता देने का अधिकार दिया गया है। पिछले वित्तीय वर्ष में 1414 को नागरिकता दी गई।
केंद्र सरकार ने नागरिकता संशोधन अधिनियम के (सीएए) तहत पाकिस्तान, बांग्लादेश, अफगानिस्तान के अल्पसंख्यकों को नागरिकता देने का फैसला किया है, लेकिन सीएए नियम अधिसूचित नहीं होने के कारण अब भी पुरानी नीति के तहत एलटीवी जारी हो रहे हैं। शरण लेने वाले पाक हिंदुओं की संख्या हजारों में हैं।
जनसंख्या रजिस्टर अपडेट करना होगा
केंद्रीय गृहमंत्रालय का मानना है कि देशभर में राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) के डेटाबेस को अपडेट करने की जरूरत है। सरकार केंद्रीकृत डेटा प्रबंधन के लिए जन्म व मृत्यु पंजीकरण अधिनियम में संशोधन को लेकर विधेयक लाने पर विचार कर रही है। गृह मंत्रालय असम को छोड़कर सारे देश में एनपीआर डेटाबेस को अपडेट करने पर विचार कर रहा है।
821 विदेशियों को वापस भेजा
वीजा अवधि समाप्त होने या अन्य कारणों से 821 विदेशियों को वापस भेजा गया। इनमें सर्वाधिक 339 नाइजीरिया के हैं। वहीं, बांग्लादेश के 246 और अफगानिस्तान के 105 लोगों को भी खदेड़ा गया। 8 पाक नागरिकों, 15 मछुआरों को भी सजा पूरी होनेे पर वापस भेजा गया। इसी तरह आठ भारतीयोंव 20 मछुआरों को पाकिस्तान से वापस भारत लाया गया है।
Published on:
09 Nov 2022 07:54 pm
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