
शादाब अहमद/नई दिल्ली। देश में जिस तेजी के साथ कोरोना वायरस ने लोगों की सेहत पर चोट की है, उसी तेजी के साथ रोजगार-धंधों को भी आधात पहुंचाया है। इसका असर अब दिखने लगा है। सेन्टर फॉर मॉनीटरिंग इंडियन इकोनॉमी (सीएमआईई) की ओर से जारी ताजा आंकड़ों ने इसकी पुष्टि कर दी है। देश में बेरोजगारी की दर पिछले चार महीने की सर्वाधिक अप्रेल में देखने को मिली है। सर्वाधिक 35 फीसदी बेरोजगारी दर हरियाणा में है। जबकि राजस्थान में 28 व दिल्ली में 27.3 फीसदी तक यह दर पहुंच चुकी है।
कोरोना महामारी की दूसरी लहर के चलते राजस्थान, दिल्ली, हरियाणा समेत कई अन्य राज्यों में लॉकडाउन जैसी पाबंदियां लगी हुई है। पाबंदियां लगाने के दौरान कई इलाकों में मजदूरों के पलायन भी देखने को मिला। लंबे समय से बाजार बंद होने से रोजमर्रा के कामगारों का रोजगार छिन गया। साथ ही होटल, रेस्टोरेंट, सैलून, मॉल, सिनेमा आदि बंद होने से हजारों लोगों को तात्कालिक रूप से बेरोजगार होना पड़ा है। इस तरह की पाबंदियों के चलते देशभर में मार्च के मुकाबले अप्रेल में करीब 1 फीसदी की बेरोजगारी बड़ती हुई मिली है। वहीं राजस्थान, हरियाणा व दिल्ली में यह वृद्धि सर्वाधिक हुई है। राजस्थान में मार्च के मुकाबले करीब 10 फीसदी, दिल्ली में करीब 18 फीसदी और हरियाणा में करीब 8 फीसदी से बेरोजगारी दर बड़ी है।
-पिछले साल जैसे ठीक हालात
कोरोना महामारी की पहली लहर में भी बड़ी संख्या में लोग बेरोजगार हुए थे। सीएमआईई के आं$कड़े बता रहे हैं कि इस साल अधिकांश राज्यों में फिलहाल पहले से बेहतर हालात है। यहां तक कि अप्रेल में बेरोजगारी दर 7.13 फीसदी पर पहुंची, वह मई के पहले सप्ताह में घटकर 7.7 फीसदी पर आ गई है।
देश में ऐसे बढ़ती चली गई दर
महीना-------बेरोजगारी दर (फीसदी में)
जनवरी------5.81
फरवरी------6.85
मार्च--------6.15
अप्रेल-------7.13
राजस्थान में बेरोजेगारी दर में उतार-चढ़ाव
महीना------बेरोजगारी दर (फीसदी में)
जनवरी------17.7
फरवरी-------25.6
मार्च--------19.7
अप्रेल--------28
Published on:
06 May 2021 01:45 pm
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