
पेपरलीक और ओसियां में हत्या पर हंगामा
जयपुर। विधानसभा में बुधवार को पेपरलीक और ओसियां में चार लोगों की हत्या के मामले को लेकर विपक्ष ने हंगामा कर सदन से बहिर्गमन किया। भाजपा ने राजस्थान लोक सेवा आयोग को भंग कर पेपर लीक मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की, वहीं ओसियां मामले में सवाल करने से रोकने पर नाराजगी जताई।
विपक्ष ने मेला प्राधिकरण विधेयक को लेकर आरोप लगाया कि यह हिंदू मेलों का आयोजन रोकने के लिए लाया जा रहा है, वहीं देवस्थान मंत्री शकुंतला रावत ने आरोपों को निराधार बताया। विधानसभा ने 133 अप्रासंगिक कानूनों को वापस लेने और सहकारिता रजिस्ट्रार को गृह निर्माण सहकारी समितियों का रिकॉर्ड सीज करने का अधिकार देने के लिए भी विधेयक पारित किए। वहीं सरकारी खर्च के लिए 8255 करोड़ 67 लाख 40 हजार रुपए मंजूर कर दिए गए।
शून्यकाल में पेपर लीक मामले में सीबीआई की जाँच की माँग को लेकर बीजेपी विधायक वेल में पहुंच गए और कुछ देर नारेबाज़ी कर सदन से बहिर्गमन किया। प्रश्नकाल में आबकारी मंत्री परसादी लाल मीणा के राजमार्गों पर शराब की दूकानों के बारे में शिकायत आने पर कार्रवाई करने का जवाब देने पर विधानसभा अध्यक्ष सी पी जोशी ने तंज कसा कि सरकार शिकायत आती है तब ही कारवाई करती है।
सदन में बार-बार उठा ओसियां का मामला
प्रश्नकाल की शुरुआत में ओसियां विधायक दिव्या मदेरणा ने अपने क्षेत्र में चार लोगों की हत्या कर जलाने का मामला उठाने की अनुमति मांगी, तो शून्यकाल में रालोपा विधायक पुखराज गर्ग ने भी यह मुद्दा उठाया। बाद में विधानसभा अध्यक्ष जोशी के निर्देश पर शाम पांच बजे संसदीय कार्य मंत्री शांति धारीवाल ने पुलिस कार्रवाई की जानकारी दी।
धारीवाल ने बताया कि संभागीय आयुक्त, पुलिस महानिरीक्षक व एडीजी क्राइम मौके पर पहुंच गए हैं और मामला आपसी रंजिश से जुड़ा हुआ है। इसी दौरान सभापति राजेंद्र पारीक के सवाल करने से रोकने पर नेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड और सभापति पारीक के बीच बहस हो गई। इसके बाद विरोध जताने के लिए भाजपा विधायक पहले वैल में पहुंचे और बाद में सांकेतिक बहिर्गमन किया। इस पर शांति धारीवाल बोले, भाग क्यों रहे हो। जवाब तो सुनते जाओ।
Published on:
19 Jul 2023 08:54 pm
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