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वैशाख पूर्णिमा: हजारों श्रद्धालुओं ने गलता में लगाई आस्था की डुबकी, किया दान-पुण्य

जयपुर. वैशाख पूर्णिमा गुरुवार को परिघ योग व शिव योग में भक्तिभाव से मनाई जा रही है। स्वयं सिद्ध अबूझ मुहुर्त होने से शहर में मांगलिक कार्यों की धूम है। वैशाख पूर्णिमा के दिन दान-पुण्य-स्नान का धार्मिक महत्व होने से लोगों ने ने दान-पुण्य के साथ ही तीर्थ स्थलों पर जाकर डुबकी लगाई और देवदर्शन […]

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वैशाख पूर्णिमा

वैशाख पूर्णिमा पर गलता में स्नान करने वालों की उमड़ी भीड़

जयपुर. वैशाख पूर्णिमा गुरुवार को परिघ योग व शिव योग में भक्तिभाव से मनाई जा रही है। स्वयं सिद्ध अबूझ मुहुर्त होने से शहर में मांगलिक कार्यों की धूम है। वैशाख पूर्णिमा के दिन दान-पुण्य-स्नान का धार्मिक महत्व होने से लोगों ने ने दान-पुण्य के साथ ही तीर्थ स्थलों पर जाकर डुबकी लगाई और देवदर्शन किए। इस मौके पर मंदिरों में ठाकुरजी को श्वेत पोशाक धारण कराकर मोगरे के फूलों से शृंगार किया गया और शीतल व्यंजन व फलों का भोग लगाया गया।

आज हजारों लोगों ने गलता सहित पवित्र नदियों एवं सरोवरों में स्नान कर पुण्य अर्जित किया। इसके साथ ही दान-पुण्य किया। गलता पीठ में पीठाधीश्वर स्वामी अवधेशाचार्य महाराज के पावन सान्निध्य में पीपल पूर्णिमा भक्तिभाव से मनाई गई। आज हजारों श्रद्धालुओं ने गलताजी में स्नान किया। तीर्थ में स्नान का महत्व होने से सुबह से ही गलता में स्नान करने वालों की भीड़ लगी रही। लोगों ने स्नान के बाद मंदिरों में देवदर्शन कर गायों का चारा खिलाया और दान-पुण्य किया। इसके साथ ही आज एक महीने से चल रहा वैशाख स्नान समाप्त हो जाएगा। युवाचार्य स्वामी राघवेन्द्र ने बताया कि श्रद्धालुओं के लिए गलता पीठ में चल रहे अन्नक्षेत्र में प्रसादी की व्यवस्था की गई।

पीपल के पेड़ की पूजा का विधान

इस दिन पीपल के पेड़ की पूजा का विधान होने से महिलाओं व्रत रख पीपल के वृक्ष की पूजा कर सुख-समृद्धि की कामना की। महिलाओं ने जल से भरे कलश और पकवान दान किए। पंडित सुरेश शास्त्री के अनुसार शास्त्रों में इस दिन पीपल के वृक्ष की पूजा का धार्मिक महत्व माना गया है। पीपल के वृक्ष में 33 कोटि देवी-देवताओं का वास होता है। वही आज के दिन पौधे लगाने से पुण्य मिलने की मान्यता के चलते लोग पीपल, बरगद, जामुन, अशोक सहित अन्य छायादार पौधे लगाए।

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