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कोरोना के बढ़ते मामलों पर टेंशन में सीएम गहलोत, डोटासरा भीड़ जुटाने पर अड़े !

-मंत्री दरबार के साथ-साथ जिलों के प्रशिक्षण शिविरों और खुला अधिवेशन भी कोरोना संक्रमण के बीच होंगे, पार्टी कार्यक्रमों में जुटने वाली भीड़ को लेकर अब अंदरखाने उठ रहे सवाल

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जयपुर। राजधानी जयपुर सहित प्रदेश के कई जिलों में कोरोना के बढ़ते मामलों ने सरकार की टेंशन बढ़ा दी है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत लगातार समीक्षा बैठकों के जरिए कोविड प्रोटोकॉल नियमों की पालना की बात कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा कोरोना के बीच पार्टी के विभिन्न कार्यक्रमों के जरिए भीड़ जुटाने पर अड़े हैं।

इसे लेकर सरकार के साथ-साथ संगठन में भी कई तरह की चर्चाएं चल पड़ी हैं। चर्चा इस बात की है कि जब जयपुर सहित कई शहरों में लगातार कोरोना के मरीज बढ़ रहे हैं तो फिर इस तरह के आयोजनों में भीड़ जुटाकर कोरोना महामारी को क्यों निमंत्रण दिया जा रहा है? हालांकि प्रदेश कांग्रेस की ओर से दावे किए जा रहे हैं कि इसी महीने जो भी आयोजन होंगे वो सभी कोविड प्रोटोकॉल के तहत होंगे, लेकिन सवाल यही है कि अब तक जितने भी आयोजन हुए हैं उनमें सोशल डिस्टेंसिंग की पालना की धज्जियां उड़ती हुई नजर आई है।

मंत्री दरबार में भी आती है भीड़
वहीं सोमवार से बुधवार तक प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में मंत्री दरबार का आयोजन होता है जिसमें सैकड़ों की तादाद में फरियादी अपनी फरियाद लेकर आते हैं। ऐसे में यहां भी कोरोना संक्रमण फैलने का डर बना हुआ है।

कोरोना के बीच 6 जनवरी से कांग्रेस की दो दिवसीय कार्यशाला
कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच 6 से 7 जनवरी को स्थानीय निकाय प्रमुखों, उपाध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष की कार्यशाला प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में होनी है जिसमें सैकड़ों की तादाद में जनप्रतिनिधि शामिल होंगे। जाहिर सी बात है कि जब इतनी तादाद में लोग आएंगे तो यहां भी कोरोना संक्रमण फैलने का डर बना रहेगा।

8 जनवरी से विभिन्न जिलों में कांग्रेस के प्रशिक्षण शिविर
इधर 8 जनवरी से लेकर 16 जनवरी तक प्रदेश के विभिन्न शहरों में प्रशिक्षण शिविर आयोजित होंगे, जिनमें सैकड़ों की तादाद में कार्यकर्ता शामिल होंगे। 8 और 9 जनवरी को बीकानेर, झालावाड़, जोधपुर, राजसमंद और बाड़मेर जिले में प्रशिक्षण शिविर लगेंगे तो 15 और 16 जनवरी को जैसलमेर, दौसा, सीकर, अलवर, बारां और नागौर जिलों में दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविरों का आयोजन होगा। यहां भी सैकड़ों की तादाद में कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल होंगे।

इसके बाद 17 से 19 जनवरी तक राजधानी जयपुर में एआईसीसी और पीसीसी मेंबर का खुला अधिवेशन होगा, जिसमें तकरीबन 500 से ज्यादा लोग एक जगह पर एकत्रित होंगे। ऐसे में सवाल ये उठता है कि यहां आयोजकों की ओर से किस प्रकार से कोविड गाइडलाइन की पालना की जाएगी और सोशल डिस्टेंसिंग की पालना की जाएगी।

पार्टी में चर्चा, स्थगित होने चाहिए शिविर
वहीं कांग्रेस मुख्यालय में ही अंदर खाने चर्चा है कि आने वाले दिनों में कोरोना का ग्राफ और तेजी से बढ़ने वाला है। ऐसे में पार्टी नेतृत्व को चाहिए कि वह इन आयोजनों स्थगित करें क्योंकि अगर कोरोना के बीच इस तरह के आयोजन होंगे तो कोरोना के मामलों में ओर बढ़ोतरी होना संभव है। साथ ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं के भी कोरोना संक्रमण की चपेट में आने का अंदेशा है।