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हार से हुई थी पॉलिटिकल करियर की शुरुआत, जानें Vasundhara Raje की दिलचस्प बातें

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस ( International Womens Day ) के साथ ही आज पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ( Vasundhara Raje ) का जन्मदिन भी है।

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Vasundhara Raje Political Career, Here are the Unknown facts

जयपुर।

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस ( International Womens Day ) के साथ ही आज पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ( Vasundhara Raje ) का जन्मदिन भी है। कई केंद्रीय नेताओं के साथ ही राज्य स्तरीय नेताओं और विभिन्न क्षेत्रों की शख्सियतों ने उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ( Narendra Modi ) ने भी राजे की दीर्घायु और स्वस्थ जीवन की कामना की है।


प्रधानमंत्री मोदी ने अपने सन्देश में उन्होंने लिखा, ''राजे ने राजस्थान के विकास में अभूतपूर्व योगदान दिया है, साथ ही खुद को केंद्रीय मंत्री प्रतिष्ठित किया है।'' प्रधानमंत्री के अलावा राजनाथ सिंह, स्मृति ईरानी और पुरुषोत्तम रुपाला सहित कई केंद्रीय नेताओं ने भी राजे के जन्मदिन पर शुभकामनाएं दी हैं।

वहीं मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी उन्हें बधाई दी है। सीएम गहलोत ने भी अपने बधाई सन्देश में राजे को शुभकामना देते हुए उनकी दीर्घायु और स्वस्थ जीवन की कामना की है।

रॉयल फैमिली में जन्मी वसुंधरा राजे ने प्रदेश की पहली महिला मुख्यमंत्री बनकर महिला शक्ति को जग जाहिर किया। राजे प्रदेश की दूसरी बार मुख्यमंत्री बनने वाली पहली महिला भी है। उन्होंने अपने जीवन का पहला चुनाव 1984 मे मध्यप्रदेश के भिंड लोकसभा क्षेत्र से लड़ा था जिसमे उनकी हार हुई।

वसुंधरा राजे के जीवन और राजनीतिक करियर की ख़ास बातें

- वसुंधरा राजे सिंधिया का जन्म 8 मार्च 1953 को ग्वालियर के राजपरिवार में हुआ था। उनके पिता का नाम जीवाजीराव सिन्धिया और माँ का नाम विजयाराज सिन्धिया है।

- राजे की स्कूली पढ़ाई तमिलनाडू के कोडीकनाल में हुई। मुंबई की सोफिया कॉलेज से राजे ने इकोनॉमिक्स और पॉलीटिकल साइंस में डिग्री ली।

- वसुंधरा राजे का विवाह धौलपुर के पूर्व महाराजा हेमंत सिंह से 17 नवंबर 1972 में हुआ था।

- राजे के बेटे दुष्यंत सिंह झालावाड़ सीट से लोकसभा सदस्य है। वे मध्य प्रदेश के कांग्रेस नेता रहे माधव राव सिंधिया की बहन हैं। जबकि उनकी बहन यशोधरा राजे सिंधिया मध्य प्रदेश सरकार में उद्योग मंत्री रह चुकीं हैं।

- राजे को देश की शक्तिशली महिलाओं में शुमार किया जाता है।

- राजे ने अपने जीवन का पहला चुनाव 1984 मे मध्यप्रदेश के भिड़ लोकसभा क्षेत्र से लड़ा था जिसमे उनकी हार हुई। कांग्रेस प्रत्याशी कृष्णा सिंह ने राजे को लगभग 88 हज़ार वोट से हरा दिया था।

- राजे को 1984 में भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में शामिल किया गया था।

- 1985-87 के बीच राजे भाजपा युवा मोर्चा राजस्थान की उपाध्यक्ष रहीं।

- 1987 में वे राजस्थान प्रदेश भाजपा की उपाध्यक्ष बनीं।

- कार्यक्षमता, विनम्रता और पार्टी के प्रति वफादारी के चलते 1998-1999 में वाजपेयी मंत्रिमंडल में उन्हें विदेश राज्यमंत्री बनाया गया।

- अक्टूबर 1999 में फिर केंद्रीय मंत्रिमंडल में राज्यमंत्री के तौर पर स्वतंत्र प्रभार सौंपा गया। - भैरोंसिंह शेखावत के उपराष्ट्रपति बनने के बाद उन्हें राजस्थान में भाजपा राज्य इकाई का अध्यक्ष बनी।


जाने कब-कब रहीं विधायक
- 1985-90 सदस्य, 8वीं राजस्थान विधान सभातत्त झालरापाटन से
- 2003-08 सदस्य, 12वीं राजस्थान विधान सभा में झालरापाटन से।
- 2008-13 सदस्य, 13वीं राजस्थान विधान सभा झालरापाटन से।
- 2013 सदस्य, 14वीं राजस्थान विधान सभा झालरापाटन से।
- 2018 सदस्य, 15वीं राजस्थान विधान सभा झालरापाटन से अपने प्रतिद्वंदी मानवेन्द्र सिह को हराया ।


जानें कब-कब रहीं सांसद
- 1989-91 : 9वीं लोक सभा सदस्या झालावाड़ से
- 1991-96 : 10वीं लोक सभा सदस्या
- 1996-98 : 11वीं लोक सभा सदस्या
- 1998-99 : 12वीं लोक सभा सदस्या
- 1999-03 : 13वीं लोक सभा सदस्या

पुस्तक
वसुंधरा राजे के राजनीतिक जीवन पर इतिहासकार विजय नाहर की लिखी पहली पुस्तक वसुंधरा राजे और विकसित राजस्थान प्रभात प्रकाशन, दिल्ली द्वारा प्रकाशित हुई और सर्वप्रथम राज्यपाल कल्याण सिंह को भेंट की गई।