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नए चेहरे को सीएम बनाने की संभावनाओं के बीच दिल्ली पहुंची राजे, क्या होने वाला है?

Rajasthan New CM: राजस्थान में किसी नए चेहरे को मुख्यमंत्री बनाने की संभावनाओं के बीच पार्टी आलाकमान से मुलाकात कर अपना पक्ष रखने के लिए राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया दिल्ली पहुंच गई है।

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File Photo

Rajasthan New CM: राजस्थान में किसी नए चेहरे को मुख्यमंत्री बनाने की संभावनाओं के बीच पार्टी आलाकमान से मुलाकात कर अपना पक्ष रखने के लिए राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे दिल्ली पहुंच गई है।

सूत्रों की माने तो, वसुंधरा राजे सिंधिया ने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात का समय मांगा है। बताया जा रहा है कि वसुंधरा राजे पार्टी के दोनों शीर्ष नेताओं से मुलाकात कर अपना पक्ष रखना चाहती हैं।

भाजपा प्रदेश प्रभारी अरुण सिंह बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि भाजपा में कोई बाड़ाबंदी या गुटबाजी नहीं है। पार्लियामेंट्री बोर्ड ऑब्जर्वर का नाम तय करेगा फिर विधायक दल की बैठक होगी। वसुंधरा राजे से मिलने जो विधायक जा रहे है वो अपनी भाजपा नेता से मिलने गए है, इसमें गलत कुछ भी नहीं है।

राजस्थान विधानसभा चुनाव के चुनावी नतीजे आने के बाद से ही जिस तरह से वसुंधरा राजे सिंधिया के जयपुर स्थित आवास पर विधायकों का मिलना-जुलना शुरू हो गया था, उससे यह संदेश जा रहा था कि वसुंधरा राजे सिंधिया मुख्यमंत्री पद को लेकर आलाकमान पर दबाव बनाने के लिए विधायकों की लामबंदी कर अपना शक्ति प्रदर्शन कर रही हैं।

बुधवार को जैसे ही खबर आई कि पार्टी आलाकमान ने राजस्थान में नए चेहरे को मुख्यमंत्री बनाने का मन बनाया है, वसुंधरा राजे सिंधिया ने दिल्ली आकर पार्टी आलाकमान के सामने अपना पक्ष रखने का फैसला किया।

राजस्थान में भाजपा को मिली प्रचंड जीत के बाद मुख्यमंत्री चेहरे को लेकर बैठकों का दौर जारी है। राजस्थान सहित तीन राज्यों में पार्टी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चेहरे पर चुनाव लड़ा था। सूत्रों के अनुसार खबर है कि भाजपा राजस्थान में नए चेहरे को मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी देगी। प्रदेश में गैर विधायक भी मुख्यमंत्री हो सकता है।

सूत्रों का कहना है कि भाजपा आगामी लोकसभा चुनाव को देखते हुए मुख्यमंत्री का चेहरा चुनने में यह भी ध्यान रख रही है कि जिस नेता के सिर पर ताज रखा जाए उसका आरोपों व विवादों से नाता नहीं होना चाहिए। साथ ऐसा नाम हो जिससे ज्यादा राजनीतिक और सामाजिक संदेश दिया जा सके।

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