15 मार्च 2026,

रविवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

जल्द आएगी वाहन स्क्रैप नीति, वाहन उद्योग को मिलेगी राहत

जयपुर. मांग में कमी से जूझ रहे आॅटो उद्योग को गति प्रदान करने के लिए सरकार जल्द ही वाहन स्क्रैप नीति लाएगी। स्क्रैप नीति के आने के साथ ही तय समय पर वाहनों को परिचालन से बाहर कर दिया जाएगा। जिससे नए वाहनों की मांग में उत्तरोत्तर वृद्धि शुरू हो जाएगी।

less than 1 minute read
Google source verification

जयपुर

image

Subhash Raj

May 23, 2020

जल्द आएगी वाहन स्क्रैप नीति, वाहन उद्योग को मिलेगी राहत

जल्द आएगी वाहन स्क्रैप नीति, वाहन उद्योग को मिलेगी राहत

केन्द्र सरकार पुराने वाहनों कार, बस, ट्रक आदि के निपटान के लिए वाहन स्क्रैप नीति लाने की तैयारी कर रही है जिससे ऑटो उद्योग को संकट से उबारने में मदद मिलेगी।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार वाहन स्क्रैप नीति को अंतिम रूप देने के लिए युद्ध स्तर पर काम चल रहा है। संबंधित मंत्रालयों के साथ विचार विमर्श लगभग पूरा हो गया है। सरकार इस नीति की घोषणा जल्द कर देगी। इस नीति में वाहन उपभोक्ताओं और उत्पादकों के हितों का ध्यान रखा गया है। पुराने वाहनों को एक निश्चित समय के बाद परिचालन से हटा दिया जाएगा। इसके बदले में उपभोक्ताओं को कुछ लाभ मिलेगा। दूसरी ओर बाजार में नए वाहनों की मांग पैदा होगी। इससे ऑटो उद्योग को बल मिलेगा।
हाल ही केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने वाहन स्क्रैप नीति के संकेत देते हुए कहा था कि पुरानी वाहनों के निपटान के लिए संयंत्र बंदरगाहों और राजमार्गों के निकट स्थापित किए जाएंगे। इससे वाहन निर्माण लागत कम करने में मदद मिलेगी। इसके अलावा निपटान से उत्पन्न संसाधनों को आसानी से एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाया जा सकेगा। स्क्रैप नीति से वाहन उद्योग को फायदा होगा। वाहनों की कीमतें प्रतिस्पर्धी होगी और घरेलू बाजार में मांग बढ़ेगी। फिलहाल देश में पुराने वाहनों को परिचालन से हटाने के लिए कोई नीति नहीं है। प्रावधानों के अनुसार पेट्रोल वाहन को 15 वर्ष और डीजल वाहन को 10 वर्ष की परिचालन की अनुमति दी जाती है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में पेट्रोल के लिए 15 साल और डीजल वाहनों के लिए 10 साल की अवधि निर्धारित है। इसके बाद इन वाहनों को परिचालन की अनुमति नहीं है। देश के अन्य हिस्सों में नियत अवधि समाप्त होने के बाद इन वाहनों को अनुमति से फिर इस्तेमाल किया जा सकता है।