
हुबली-धारवाड़ रैपिड बस ट्रांजिट परियोजना का उद्धाटन
उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने कर्नाटक में हुबली-धारवाड़ बस रैपिड ट्रांजिट (बीआरटी) परियोजना का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि इसके पहले की पर्यावरण को बड़ा नुकसान हो जाए ग्रीन हाउस गैसों और वाहनों से होने वाले उत्सर्जन को नियंत्रित करने की जरूरत है। उन्होंने निजी वाहनों का उपयोग करने के बजाय सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करने का आह्वान किया। उन्होंने शहरी निकायों के अधिकारियों से कहा कि वे इस प्रक्रिया में लोगों को प्रोत्साहित करें।
-सड़कों पर वाहनों की संख्या में इजाफा
भीड़-भाड़ और यातायात जाम को देश के शहरों की बड़ी चुनौती बताते हुए कहा कि हर साल सड़कों पर वाहनों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिससे वायु गुणवत्ता खराब हो रही और लोगों के स्वास्थ्य पर इसका बुरा असर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि आर्थिक विकास और पर्यावरण संरक्षण दोनों पर एक साथ समान ध्यान नहीं दिया गया, लेकिन आज समय आ गया है कि विकास से जुड़ी सभी तरह की गतिविधियों में आगे से इस का ध्यान रखा जाए। उपराष्ट्रपति ने कहा कि वैश्विक ऊर्जा मांग में शहरों का दो-तिहाई और कार्बन उत्सर्जन में 70 फीसदी हिस्सा है। उपराष्ट्रपति ने कम कार्बन उत्सर्जन और पर्यावरण के अनुकूल शहरी बुनियादी ढांचे के निर्माण की आवश्यकता पर बल दिया।
नायडू ने कहा कि वायु की खराब गुणवत्ता, पीने योग्य पानी की अपर्याप्त आपूर्ति, स्वच्छता का अभाव, अपर्याप्त ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और सीमित सार्वजनिक परिवहन अवसंरचना भारत के करीब-करीब सभी शहरों की मुख्य समस्या है। इनका तत्काल समाधान होना चाहिए। उन्होंने कहा कि ई-वाहनों के लिए जरूरी अवसंरचनाएं विकसित की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि देश में सड़क दुर्घटनाओं में 1.5 लाख लोगों को अपनी जान गवानी पड़ी है। बतादें कि हुबली-धारवाड़ बस रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (बीआरटीएस) पहले से ही अपने ट्रायल रन में दोनों शहरों के बीच एक लाख यात्रियों को परिवहन सुविधा दे रही है।
Published on:
02 Feb 2020 07:31 pm
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