Kailash Kher's upcoming song : खेर कहते हैं कि हम आने वाले गाने के बारे में बताते हैं। वैसे अक्सर लोग आने वाले गाने के बारे में नहीं बताते हैं। लेकिन हम पागल हैं। हम बताते हैं।
जयपुर। जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में शुक्रवार को सिंगर कैलाश खेर अपने जीवन से जुड़े कई अनछुए पहलुओं पर खुलकर बात की। श्रोता जितना उनके गानों को तन्मयता से सुनते हैं, उससे ज्यादा उनके जीवन के पन्नों को सुनने में तल्लीन दिखे। पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने आने वाले गाने का भी खुलासा कर डाला।
खेर कहते हैं कि हम आने वाले गाने के बारे में बताते हैं। वैसे अक्सर लोग आने वाले गाने के बारे में नहीं बताते हैं। लेकिन हम पागल हैं। हम बताते हैं। जब मैं किताब " तेरी दिवानी" लिख रहा था, उस समय मैंने एक फ्रेंड को बोला था, आप आ रही हो ना ,उन्होंने कहा, नहीं मैं नहीं आ रही। मेरी तबीयत कुछ ठीक नहीं है। मैं सोच रही हूं कि अगले सेशन में डिस्कस कर लेंगे।
उस समय मैं भी घर में था। सोचा घर में हूं तो सेविंग कर लूं। लेकिन अब "क्या सजना, बिन सजना"। मेरे मुंह से अचानक यह बात निकली। आप भी नहीं आ रहे हो तो हम भी कुछ आलस कर लेते हैं। यानी ईश्वर ने आपकी एक सूक्ति दे दी। एक छंद दे दिया। एक पद दे दिया। एक प्रसंग दे दिया। "क्या सजना, बिन सजना...।" अपने आप रिदम बनने लगा। गानों के विश्वकर्मा तो अंदर बैठे हैं। हमें लगता है कि यह कैलाश खेर लिख रहे हैं। हमें लग रहा है, वे यही धुन बना रहे हैं। कैलाश खेर केवल एक माध्यम है। जबकि क्रिएटर कोई और है हम सबके भीतर।
इसके बाद खेर ने गाने के बोल बोले कि "कभी मैली-मैली, कभी उंधी- उंधी तो क्या, सब कहें ऊबाउ रूंधी-रूंधी तो क्या, सब हो एक ऐसी, हमको नहीं बनना, क्या सजना, बिना सजना। यह गाना बना है। अब यह आएगा थोड़े दिनों में।