जयपुर। प्रदेश के सबसे एसएमएस अस्पताल में हालात बिगड़ते जा रहे हैं। रेजिडेंट्स हड़ताल खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। वहीं सरकार की ओर से भी कोई समाधान नहीं निकाला जा रहा है। इधर, मौसमी बीमारियों से अस्पतालों में पहले से ही हालत खराब है। अब रेजिडेंट्स हड़ताल के चलते मरीजों का दर्द बढ़ गया है। अस्पताल में इलाज के लिए आते ही सबसे पहले पर्ची कटवाने के लिए कतारों से जूझना पड़ता है तो उसके बाद डॉक्टर्स को दिखाने के लिए। ऐसे में लंबी कतारों के चलते मरीजों का हाल खराब हो जाता है। कई मरीज तो थक—हारकर फर्श के उपर ही बैठ जाते हैं। सबसे अधिक परेशानी बुजुर्ग और छोटे बच्चों की मां को होती हैं। ओपीडी व इमरजेंसी में सीनियर डॉक्टर्स के हालात को संभालने का दावा किया जा रहा है। हालांकि अस्पतालों की हकीकत देखकर को यहीं कहेंगे सारे प्रयास नाकाफी साबित हो रहे हैं।