11 जनवरी 2026,

रविवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

catch_icon

प्लस

epaper_icon

ई-पेपर

profile_icon

प्रोफाइल

59 साल बाद 26 सितंबर को पृथ्वी के बेहद नजदीक आएगा बृहस्पति, दूरबीन से देखा जा सकेगा

दुर्लभ घटना : इस बार 59 करोड़ किलोमीटर होगी दोनों ग्रहों के बीच की दूरी

less than 1 minute read
Google source verification

जयपुर

image

Aryan Sharma

Sep 22, 2022

59 साल बाद 26 सितंबर को पृथ्वी के बेहद नजदीक आएगा बृहस्पति, दूरबीन से देखा जा सकेगा

59 साल बाद 26 सितंबर को पृथ्वी के बेहद नजदीक आएगा बृहस्पति, दूरबीन से देखा जा सकेगा

वॉशिंगटन. सौर मंडल का सबसे विशाल ग्रह बृहस्पति 26 सितंबर को पृथ्वी के काफी नजदीक होगा। यह दुर्लभ घटना 59 साल बाद हो रही है। अमरीकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के मुताबिक यह ग्रह सूर्य के ठीक विपरीत दिशा में नजर आएगा। बृहस्पति हर 13 महीने में पृथ्वी के नजदीक आता है, लेकिन इस बार दोनों ग्रहों के बीच की दूरी काफी कम होगी।
पृथ्वी और बृहस्पति के बीच सामान्य दूरी 96 करोड़ किलोमीटर है। अधिक नजदीक होने पर इस बार यह 59 करोड़ किलोमीटर होगी। नासा के मुताबिक 25 और 26 सितंबर को सूर्य तथा बृहस्पति के बीच पृथ्वी को देखना दुर्लभ घटना होगी। इसे पेरिगी के रूप में जाना जाता है। पृथ्वी और बृहस्पति ग्रह की दूरी 25 सितंबर को भी सबसे कम होगी, जबकि 26 सितंबर को यह सूर्य के उल्टी दिशा में दिखाई देगा। पृथ्वी के काफी करीब आने पर गैस से बना यह ग्रह काफी चमकीला और बड़ा दिखाई देगा। मौसम साफ रहने और अंधकार ज्यादा होने पर लोग दूरबीन से इसे देख पाएंगे।

बारह साल में सूर्य का एक चक्कर
सौर मंडल के ग्रह अंडाकार पथ पर सूर्य की परिक्रमा करते हैं। पृथ्वी और बृहस्पति अलग-अलग दूरी पर पथ पार करते हैं। पृथ्वी को सूर्य की परिक्रमा में करीब 365 दिन, जबकि बृहस्पति को 4333 दिन लगते हैं। यानी बृहस्पति 12 साल में एक बार सूर्य की परिक्रमा पूरी करता है।

चमकीला तारा
अलबामा में नासा के मार्शल स्पेस फ्लाइट सेंटर के खगोल वैज्ञानिक एडम कोबेल्स्की ने बताया कि 26 सितंबर से पहले और बाद के कुछ दिन तक बृहस्पति काफी चमकीला और बड़ा दिखाई देगा। रात को यह सबसे चमकदार सितारों में से एक होगा।