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विश्व विरासत टैग की चिंता…मुख्य सचिव उतरे फील्ड में, नौ माह का समय…वर्ना सम्मान खतरे में

राजधानी के परकोटा क्षेत्र के सम्मान (विश्व विरासत) को बचाने के लिए अब मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास सक्रिय हुए हैं। मंगलवार को खुद मुख्य सचिव परकोटे की गलियों में पहुंचे। डेढ़ घंटे तक जमीनी हालात परखने के बाद नगर निगम मुख्यालय में एक घंटे तक अधिकारियों के साथ बैठक की।

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जयपुर। यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज सिटी का दर्जा बचाने के लिए अब सरकार ने सीधे मोर्चा संभाल लिया है। राजधानी के परकोटा क्षेत्र के सम्मान (विश्व विरासत) को बचाने के लिए अब मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास सक्रिय हुए हैं। मंगलवार को खुद मुख्य सचिव परकोटे की गलियों में पहुंचे। डेढ़ घंटे तक जमीनी हालात परखने के बाद नगर निगम मुख्यालय में एक घंटे तक अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने निगम अधिकारियों को मिशन मोड में काम करने के सख्त निर्देश दिए।
मुख्य सचिव दोपहर ढाई बजे कोतवाली थाना पहुंचे। इमारत की मरम्मत करने के लिए कहा। इसके बाद अन्य हैरिटेज इमारतों, नाटाणियों की हवेली, खजाने वालों का रास्ता, दिगम्बर जैन मंदिर, राजस्थान स्कूल ऑफ ऑर्ट, हैरिटेज वॉक वे, मणिहारों का रास्ता सहित विभिन्न स्थानों का जायजा लिया। ऐतिहासिक इमारतों को संरक्षित करने के निर्देश उन्होंने निगम अधिकारियों को दिए।
निरीक्षण के दौरान स्वायत्त शासन विभाग के सचिव रवि जैन, संभागीय आयुक्त वी सरवण कुमार, आयुक्त गौरव सैनी सहित निगम के अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

सम्मान बनाए रखना हमारी प्राथमिकता
निगम मुख्यालय में बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने साफ किया कि यूनेस्को टैग बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने जोन उपायुक्तों से सीधे फीडबैक लिया और हैरिटेज सैल की कार्यप्रणाली की समीक्षा की।

अब ये होगा
-हैरिटेज सेल को मजबूत किया जाएगा

मौजूदा स्थिति: हैरिटेज सेल खत्म हो चुकी है। जोन स्तर से ही पूरा काम किया जा रहा है।
-हैरिटेज क्षेत्र में अव्यवस्थित केबल तुरंत हटाई जाएं
मौजूदा स्थिति: निगम हर छह माह में एक विज्ञप्ति जारी कर इतिश्री कर लेता है। कार्रवाई कुछ नहीं होती है।
-खराब पड़ी लाइटों और फसाड लाइटिंग को दुरुस्त किया जाए
मौजूदा स्थिति: प्रमुख बाजारों में कई माह से फसाड लाइटें खराब पड़ी हैं। निगम का ध्यान इन पर नहीं जा रहा।
-स्पेशल एरिया हैरिटेज प्लान को तेजी से लागू किया जाए।
मौजूदा स्थिति: मानकों के विपरीत निर्माण हो रहे हैं, सबसे बुरा हाल किशनपोल जोन का है। मुख्य बाजारों में ही इमारतों का मूलस्वरूप बदला जा रहा है।

खास-खास
-सात जुलाई, 2019 को राजधानी का परकोटा क्षेत्र यूनेस्को की विश्व विरासत सूची में शामिल हुआ था। परकोटा के सम्मान पर खतरा है। दिसम्बर तक राज्य सरकार को परकोटा क्षेत्र में सुधारात्मक कदम उठाने और संरक्षण से जुड़ी रिपोर्ट भेजनी है। रिपोर्ट से यूनेस्को की टीम संतुष्ट नहीं हुई तो परकोटा क्षेत्र को डेंजर जोन में डाला जा सकता है। ऐसे में सम्मान पर खतरा शुरू हो जाएगा।

एक्शन में दिखा निगम
मुख्य सचिव का जो रूट निर्धारित था, वहां पर निगम एक्शन मोड में नजर आया। सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने में निगम दस्ता जुट गया। साथ ही गलियों से वाहन भी निकलवा दिए। सामान्य दिनों में वाहनों से घिरी रहने वाली गलियां खुली नजर आईं।

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