
देशभर से आए पीठासीन अधिकारियों ने गुरुवार को राजभवन में बने संविधान उद्यान का अवलोकन किया
देशभर से आए पीठासीन अधिकारियों ने गुरुवार को राजभवन में बने संविधान उद्यान का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने संविधान की उद्देशिका और मूल कर्तव्यों की प्रतिमाओं सहित यहां प्रदर्शित मूर्ति शिल्प, छाया चित्रों और मॉडल्स की सराहना करते हुए कहा कि संविधान उद्यान का भ्रमण संविधान का एक प्रकार से साक्षात्कार करने जैसा है।
पीठासीन अधिकारियों ने संविधान की मूल प्रति में बाइस भागों में चित्रित कलाकृतियों के कला-रूपों का बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने चरखा कातते राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष फोटो खिंचवाई और स्वदेशी आंदोलन के जरिए स्वाधीनता आंदोलन को नई दिशा देने के उनके अभिनव प्रयोग को स्मरण किया। पीठासीन अधिकारियों ने राजभवन के प्राकृतिक परिवेश में विचरण कर रहे मोरों के बीच मयूर स्तम्भ की सुंदरता को अद्भुत बताया। अपने प्रिय घोड़े के साथ विश्राम करते महाराणा प्रताप की प्रतिमा देखकर कई पीठासीन अधिकारी अभिभूत हो गए।
उत्तर प्रदेश के विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने कहा कि संविधान उद्यान पूरे देश में अपने आप में एक उदाहरण है। उन्होंने इसके लिए राज्यपाल मिश्र की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने संविधान की संस्कृति के प्रसार के अग्रदूत के रूप में पूरे देश में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है और संवैधानिक जागरूकता के बारे में प्रयासों को नई गति प्रदान की है। हिमाचल प्रदेश के विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने राज्यपाल मिश्र को हिमाचल की पारम्परिक टोपी पहनाकर उनका अभिनंदन किया।
इससे पहले राज्यपाल कलराज मिश्र ने सभी का राजभवन में अभिनन्दन करते हुए उन्हें स्मृति चिन्ह भेंट किए। राज्यपाल के प्रमुख सचिव सुबीर कुमार एवं प्रमुख विशेषाधिकारी गोविन्दराम जायसवाल ने संविधान उद्यान की परिकल्पना और इसे कार्यरूप दिए जाने के बारे में पीठासीन अधिकारियों को अवगत कराया।
Published on:
12 Jan 2023 06:54 pm
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