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सुरक्षा की दीवार…राज्य में अगले साल से 160 किमी घंटा की रफ्तार से दौडेंगी ट्रेनें, दुर्घटनाएं भी घटेगी

राजस्थान में अगले साल के अंत तक ट्रेनें 160 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से दौड़ती नजर आएंगी। रेलवे ट्रैक पर होने वाली दुर्घटनाओं पर लगाम लगेगी। इसके अलावा आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों की हरकतों पर भी नकेल डाली जाएगी। रेलवे इसकी तैयारी में जुट गया है। दरअसल, रेलवे ट्रैक पर आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों […]

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जयपुर

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Amit Pareek

Oct 23, 2024

jaipur

कुछ इस तरह की होगी फेंसिंग।

राजस्थान में अगले साल के अंत तक ट्रेनें 160 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से दौड़ती नजर आएंगी। रेलवे ट्रैक पर होने वाली दुर्घटनाओं पर लगाम लगेगी। इसके अलावा आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों की हरकतों पर भी नकेल डाली जाएगी। रेलवे इसकी तैयारी में जुट गया है।

दरअसल, रेलवे ट्रैक पर आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों की ओर से संदिग्ध वस्तुएं रखी जा रही हैं। इसके अलावा आए दिन मवेशी भी ट्रेन की चपेट में आ रहे हैं। ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए रेलवे अब ट्रैक के दोनों ओर 5 से 6 फीट ऊंची फेंसिंग कर रहा है ताकि ट्रैक सुरक्षित हो सके। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि उत्तर पश्चिम रेलवे के अंतर्गत सर्वाधिक रेल ट्रैफिक वाले प्रमुख रेलमार्ग चिन्हित किए गए हैं। इनमें दिल्ली-अहमदाबाद वाया जयपुर, रेवाड़ी-पालनपुर, अजमेर-चित्तौड़गढ़़ समेत कई रूट शामिल हैं। इनमें कुल 1500 किलोमीटर रूट पर फेंसिंग की जाएगी। यह काम छह माह से चल रहा है। अब तक 500 किलोमीटर से ज्यादा रेलवे ट्रैक पर दोनों ओर फेंसिंग की जा चुकी है। संभवत: एक साल में यह काम पूरा हो जाएगा।

फुल स्पीड में उड़ान भरेगी वंदेभारत

वर्तमान में उत्तर पश्चिम रेलवे जोन में रेलवे ट्रैक पर ट्रेनें महज 110 से 130 किलोमीटर प्रति घंटा की अधिकतम रफ्तार से दौड़ रही हैं। ऐसे में सेमी हाईस्पीड वंदेभारत ट्रेन भी फुल स्पीड में नहीं दौड़ पा रही है। ट्रैक के दोनों ओर फेंसिंग होने के बाद ये ट्रेनें 160 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से दौड़ सकेंगी। ट्रैक पर दुर्घटना की आंशका काफी कम हो जाएगी और ट्रैक सुरक्षित भी हो जाएंगे। इससे यात्रियों का समय भी बचेगा। वो अपने गंतव्य पर जल्द पहुंच पाएंगे।

डिवाइस भी लगाई जा रही

रेलवे ट्रैक को सुरक्षित करने के लिए तकनीक का इस्तेमाल कर रहा है। ट्रैक पर हॉट एक्सेल बॉक्स डिटेक्टर, कवच प्रणाली समेत कई तकनीकी प्रणाली, डिवाइस लगाई जा रही हैं। इससे रेल दुर्घटनों की रोकथाम हो सकेगी। साथ ही यात्रियों का सफर भी सुरक्षित होगा। दूसरी ओर, जोन में विद्युतीकरण का काम भी लगभग पूरा हो गया है। ऐसे में ट्रेनें अब फुल स्पीड से दौड़ेगी।

वर्जन

रेलवे ट्रैक को सुरक्षित करने और स्पीड बढ़ाने के फेंसिंग की जा रही है। छह महीने से यह काम जारी है। अब तक 500 किमी से ज्यादा रेलवे ट्रैक पर यह काम पूरा हो चुका है। शुरुआत में यह काम व्यस्तम रूट पर किया जा रहा है।

- कैप्टन शशिकिरण, सीपीआरओ, उत्तर पश्चिम रेलवे