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आइसीयू और ओटी छोड़, पर्चियों पर मुहर लगा रहे 100 से ज्यादा नर्सिंगकर्मी

एक ओर जहां सरकारी अस्पतालों वार्ड-ऑपरेशन थियेटर, वार्ड और आइसीयू में नर्सिंगकर्मियों की कमी के कारण चिकित्सा व्यवस्थाएं चरमराई हुई है। दूसरी ओर कई सरकारी अस्पतालों में नर्सिंगकर्मी अस्पताल प्रशासन की सह पर मौज काट रहे हैं।

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जयपुर. एक ओर जहां सरकारी अस्पतालों वार्ड-ऑपरेशन थियेटर, वार्ड और आइसीयू में नर्सिंगकर्मियों की कमी के कारण चिकित्सा व्यवस्थाएं चरमराई हुई है। दूसरी ओर कई सरकारी अस्पतालों में नर्सिंगकर्मी अस्पताल प्रशासन की सह पर मौज काट रहे हैं। प्रदेश के सबसे बड़े अस्पताल सवाई मानसिंह अस्पताल में इन दिनों ऐसा ही हाल देखा जा रहा है। यहां 100 से ज्यादा नर्सिंगकर्मी वार्ड, ओटी व आइसीयू में ड्यूटी देने में रूचि नहीं दिखा रहे हैं। वे अपना मूलकाम छोड़कर अस्पताल के आउटडोर ब्लॉक में मरीजों की पर्चियों पर मुहर लगाकर ही ड्यूटी दे रहे है, जबकि यह काम वार्ड ब्वॉय भी कर सकता है। ये देखते हुए राजस्थान पत्रिका के रिपोर्टर ने शुक्रवार को एसएमएस अस्पताल के धनवंतरि व चरक भवन स्थित ओपीडी ब्लॉक की पड़ताल की। जिसमें चौंकाने वाले हालात समाने आए हैं। जिससे अस्पताल प्रशासन अनजान बना हुआ है।

धनवंतरि ब्लॉक: ज्यादातर महिलाएं दिखीं
अस्पताल के धनवंतरि ब्लॉक के न्यूरोलोजी, ऑर्थो, सर्जरी, कार्डियोलोजी समेत अन्य विभागों के ओपीडी कक्ष में नर्सिंगकर्मी मुहर लगाते दिखे। इनमें ज्यादातर महिला नर्सिंगकर्मी थी। कई जगह दो तो कई जगह तीन से चार नर्सिंगकर्मी भी नर्सिंग स्टेशन पर तैनात दिखी। पड़ताल में सामने आया कि, यहां उन नर्सिंग स्टाफ को लगाया जाता है जो बीमार हो या फिर गर्भवती हो। लेकिन कुछ नर्सिंगकर्मी यहां कई वर्षों से जमे हुए हैं। उनकी वापस मूल स्थान पर जाने की रूचि नहीं है। यहां जमे रहने के लिए सिफारिशे करवाई जाती है। कई नर्सिंगकर्मी केवल हस्ताक्षर करके ही वापस लौट जाते हैं। वे यहां भी नहीं बैठते हैं।

चरक भवन: 15 नर्सिंगकर्मी इसी काम में जुटे
चरक भवन के ईएनटी व आई विभाग की ओपीडी में भी ऐसा ही हाल दिखा। यहां बने नर्सिंग स्टेशन पर भी नर्सिंगकर्मी पर्ची पर मुहर लगाते नजर आए। नेत्र विभाग की ओपीडी में वार्ड ब्वॉय के साथ एक महिला नर्सिंग स्टाफ भी मौजूद थी। कुछ देर नर्सिंगकर्मी तो कुछ देर नर्सिंगकर्मी मुहर लगा रही थी। पूछताछ में पता चला कि यहां कुल 15 नर्सिंग स्टाफ इसी काम मेें जुटा हुआ है।

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250 से ज्यादा स्टाफ की कमी
पड़ताल में सामने आया कि एसएमएस अस्पताल में मरीजों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। उसके मुताबिक यहां चिकित्सक, नर्सिंगकर्मी समेत अन्य स्टाफ पर्याप्त नहीं है। केवल नर्सिंग स्टाफ की बात करे तो, अस्पताल के आइसीयू, वार्ड, इमरजेंसी, ओटी में वर्तमान मे 250 से ज्यादा नर्सिंगकर्मियों की सख्त जरुरत है।

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ओपीडी ब्लॉक में जरुरत के हिसाब से नर्सिंग स्टाफ लगाया गया है। वहां पर भी नर्सिंग से संबंधित कार्य होता है, अगर कही नर्सिग स्टाफ से केवल मुहर लगाने का ही काम हो रहा है तो, यह गलत है। पता करवाता हूं।
डॉ. अचल शर्मा, अधीक्षक, एसएमएस अस्पताल