
जयपुर. शहर कांग्रेस के लिए 9 महीने बाद होने वाले नगर निगम चुनाव कांग्रेस के तीन विधायकों के लिए बड़ी चुनौती साबित होने वाले हैं। विधानसभावार नतीजों के विश्लेषण में सामने आया है कि कांग्रेस ने वार्डों में भले ही बढ़त बनाई है, लेकिन वे बहुमत वाले आंकड़े से 10 वार्ड पीछे है। निगम में बोर्ड के लिए किसी भी दल को 91 में से 46 पार्षद चाहिए। लेकिन कांग्रेस को 36 वार्डों में ही भाजपा से बढ़त मिली है। जबकि शहर में पांच सीटों पर कांग्रेस प्रत्याशी विजयी रहे हैं। शहर में कांग्रेस के विजयी प्रत्याशियों में सिर्फ सिविल लाइंस ही ऐसा क्षेत्र रहा, जहां कांग्रेस प्रत्याशी ने 10 में से 9 सीटों पर बढ़त ली। इतिहास देखें तो जयपुर निगम में अब तक एक बार ही कांग्रेस का महापौर रहा। ज्योति खंडेलवाल एक बार महापौर बनी, वह भी सीधे चुनाव में। उस चुनाव में भी बोर्ड भाजपा का ही रहा। कांग्रेस के लिए बड़ी राहत की बात यह है कि कांग्रेस 19 पार्षदों की संख्या के बावजूद 36 पर बढ़त बनाने में कामयाब रही है।
इनके लिए चुनौती
हवामहल से महेश जोशी, किशनपोल से अमीन कागजी और आदर्श नगर से रफीक खान विधायक चुने गए हैं। तीनों ही स्थानों पर वार्डवार नतीजों में कांग्रेस पर भाजपा भारी पड़ी है। अब प्रदेश में कांग्रेस की सरकार आ चुकी है, ऐसे में इन तीनों विधायकों पर आगामी चुनावों में चुनौती होगी कि वे यहां से कांग्रेस को बढ़त दिला पाते हैं या नहीं।
रणनीति बनाकर काम करेंगे
अब कांग्रेस की सरकार सत्ता में आई है, हम जनता की समस्याओ को दूर करेंगे, तो जनता का समर्थन हमारी ओर बढ़ेगा। जहां वार्डवार बढ़त में हम पीछे रहे हैं, वहां संगठनात्मक दृष्टि से अलग से रणनीति बनाकर काम करेंगे।
प्रताप सिंह खाचरियावास, अध्यक्ष, जयपुर शहर कांग्रेस
कांग्रेस जीती, पर भाजपा रही भारी
क्षेत्र वार्ड भाजपा कांग्रेस
किशनपोल 9 5 4
हवामहल 11 6 5
आदर्श नगर 10 6 4
यहां कांग्रेस जीती और भारी भी रही
सिविल लाइंस 10 1 9
बगरू 7 2 5
कांग्रेस हारी, पर भाजपा की रही बढ़त
मालवीय नगर 9 5 4
सांगानेर 13 12 1
विद्याधर नगर 14 12 1
झोटवाड़ा 7 4 3
आमेर 1 1 0
Published on:
20 Dec 2018 10:28 am
