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उदयपुर में कचरे से बन कर तैयार किया ‘वेस्ट टू वंडर पार्क’

क्या कोई सोच सकता है कि कचरे के ढेर से एक खूबसूरत पार्क भी बन सकता है? सुनने और सोचने में ये बात हैरान ज़रूर करती है, लेकिन ऐसा अनूठा पार्क बनकर तैयार हुआ है झीलों की नगरी उदयपुर में। शहर के फतह सागर के नज़दीक बने इस पार्क की खूबसूरती को निहारने के लिए दूर-दूर से लोग पहुंच रहे हैं।

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udaipur

पत्रिका /क्या कोई सोच सकता है कि कचरे के ढेर से एक खूबसूरत पार्क भी बन सकता है? सुनने और सोचने में ये बात हैरान ज़रूर करती है, लेकिन ऐसा अनूठा पार्क बनकर तैयार हुआ है झीलों की नगरी उदयपुर में। शहर के फतह सागर के नज़दीक बने इस पार्क की खूबसूरती को निहारने के लिए दूर-दूर से लोग पहुंच रहे हैं। कभी गंदगी के ढेर के कारण जहां लोग इस जगह से दूरी बनाये रखते थे, वही जगह आज इस खूबसूरत पार्क के कारण लोगों की सबसे पसंदीदा जगह बन गई है। पार्क को बनाने के लिए वेस्ट मटेरियल को रिसाइकल कर प्लास्टिक तैयार की गई , जिससे तरह तरह के रंग-बिरंगी चिड़ियाएं बनाई गई है, जो दिखने में बिलकुल असली लग रही है। वेस्ट टायर का इस्तेमाल करके पेड़ पौधे और से झूले लगाए गए है। झूलों की रस्सी को भी वेस्ट मटेरियल से तैयार करके बनाया गया है। पार्क में बच्चों के लिए कई सारी एक्टिविटीज भी है।


धरोहर संस्थान को दी पार्क की जिम्मेदारी
उदयपुर नगर निगम ने पार्क की देख - रेख करने की ज़िम्मेदारी धरोहर संस्थान को दी है। यह संस्थान आने वाले 10 साल तक पार्क का रखरखाव करेंगे। स्वच्छता अभियान को लेकर अब हर कोई जागरूक हो रहा है। झीलों की नगरी के नाम से जाने जाना वाला उदयपुर बहुत सुंदर टूरिस्ट प्लेस है। उदयपुर के सागर किनारे नई पुलिया के पास कचरे का ढेर दिखता था , लेकिन कचरे का सदुपयोग करके इसकी रंगत बदल दी है।

जोधपुर में भी है इसी तरह का पार्क
जोधपुर उत्तर नगर निगम ने केरु में पर्यावरण को सुरक्षित रखने के लिए वेस्ट चीजों से पार्क को बनाया गया है। इस पार्क का नाम वेस्ट टू वंडर रखा गया है। इस पार्क में नगर निगम ने सिर्फ पुराने समान को नया रूप देने का पर जोर दिया है। पार्क में फिल्मों के डायलॉग के जैसे स्लोगन लिखे गए है। खराब टायरों को रिपेयर करके गार्डन में चेयर व टेबल के रूप में काम में लिया गया है। पेंट्स के पुराने टिन व प्लास्टिक के डिब्बों से गार्डन के पेड़ों पर कलरफुल लैंप बनाये गए । वेस्ट प्लास्टिक की बोतल से गमलों को तैयार किया गया है। बेकार पत्थरों को काम में लेकर आकर्षक चित्रकारी बनाई गई है ।