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जल जीवन मिशन: प्लम्बिंग, इलेक्ट्रीशियन एवं फिटर कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए एमओयू

45000 युवाओं को दिया जाएगा प्रशिक्षण

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जयपुर

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Rakhi Hajela

Oct 06, 2020

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राजस्थान कौशल एवं आजीविका विकास निगम और वाटर सेनिटेशन सपोर्ट ऑर्गेनाईजेशन राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन राजस्थान के मध्य मंगलवार को जल जीवन मिशन के तहत प्लम्बिंग, इलेक्ट्रीशियन एवं फिटर कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए जाने के लिए एक एमओयू किया गया। इस एमओयू के तहत राजस्थान कौशल एवं आजीविका विकास निगम चयनित प्रशिक्षण प्रदाताओं के माध्यम से प्लम्बिंग, इलेक्ट्रीशियन एवं फिटर ट्रेड में 15000 प्रति ट्रेड के हिसाब से कुल 45000 युवाओं को प्रशिक्षित करेगा।
इस एमओयू पर आरएसएलडीसी की ओर से प्रबंध निदेशक बिष्णु चरण मल्लिक और डब्ल्यूएसएसओ की ओर से निदेशक अमिताभ शर्मा ने हस्ताक्षर किए। आरएसएलडीसी के अध्यक्ष नीरज के पवन इस दौरान उपस्थित थे। उन्होंने बताया कि वाटर सेनिटेशन सपोर्ट ऑर्गेनाईजेशन, राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन राजस्थान एवं आरएसएलडीसी के संयुक्त प्रयासों से राज्य के प्राथमिकता वाले जिलों में जल जीवन मिशन के तहत ग्रामीण स्तर पर प्लम्बिंग, इलेक्ट्रीशियन एवं फिटर जैसी आधारभूत सेवाओं के सेवा प्रदाताओं का नितांत अभाव है, जिसके लिए ग्रामीण अंचल के लोगों को शहरों की ओर रुख करना पड़ता है। दूसरी ओर गांव का युवा उच्च शिक्षा की तरफ न बढ़ पाने एवं बेरोजगारी की समस्या से ग्रस्त है। जल जीवन मिशन में ग्रामीण व स्थानीय युवाओं को इन क्षेत्रों में आधारभूत प्रशिक्षण दिया जाकर इस खाई को पाटने के प्रयास किए जाएंगे।
22 जिलों को प्राथमिकता
योजना के तहत सम्पूर्ण प्रदेश के 33 जिलों में कौशल प्रशिक्षण आयोजित किए जाएंगे लेकिन 22 जिलों अजमेर, अलवर, बांसवाडा़, बाड़मेर, भरतपुर, भीलवाडा, बीकानेर, चित्तौडगढ़, चूरू, डूंगरपुर, हनुमानगढ़, जयपुर, जालोर, झुन्झुनू, जोधपुर, करौली, पाली, नागौर, राजसमन्द, सीकर, सिरोही एवं उदयपुर में शीघ्र ही प्राथमिकता से प्रशिक्षण आयोजित किए जाएंगे।
प्रशिक्षण के लिए ग्राम सभा द्वारा चयनित प्रशिक्षणार्थीयों की सूची जन स्वास्थ्य एवं अभियान्त्रिकी विभाग आरएसएलडीसी को जिलेवार उपलब्ध करवाएगा। इन प्रशिक्षणों में महिला आशार्थियों को प्राथमिकता दी जाएगी। तीन दिवसीय प्रशिक्षण के लिए प्रशिक्षणार्थीयों की योग्यता न्यूनतम आयु 18 वर्ष एवं अधिकतम आयु 45 वर्ष होगी। पीएचईडी के साथ पहले से कार्यरत आशार्थियों को आयु में अधिकतम 5 वर्ष छूट देय होगी। वहीं न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 8वीं पास होगी।