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घर—घर नल कनेक्शन के लिए ‘माइक्रो प्लानिंग’

जल जीवन मिशन (जेजेएम) (Jal Jivan Mission) के तहत प्रदेश के गांवों में हर घर नल कनेक्शन (Door to Door Water Connection) देने के लिए अधिकारी 'माइक्रो प्लानिंग' करेंगे और उसके अनुरूप ही रणनीति तैयार कर जेजेएम के कार्यों को गति देंगे। इसके लिए जलदाय विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव सुधांश पंत ने शनिवार को अधिकारियों को निर्देश दिए है।

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घर—घर नल कनेक्शन के लिए 'माइक्रो प्लानिंग'

घर—घर नल कनेक्शन के लिए 'माइक्रो प्लानिंग'

घर—घर नल कनेक्शन के लिए करेंगे 'माइक्रो प्लानिंग'
— अतिरिक्त मुख्य सचिव ने की जल जीवन मिशन की समीक्षा
— समयबद्ध प्रयास करने के लिए दिए निर्देश
— 44 प्रतिशत कामों की तकनीकी स्वीकृति जारी

जयपुर। जल जीवन मिशन (जेजेएम) (Jal Jivan Mission) के तहत प्रदेश के गांवों में हर घर नल कनेक्शन (Door to Door Water Connection) देने के लिए अधिकारी 'माइक्रो प्लानिंग' करेंगे और उसके अनुरूप ही रणनीति तैयार कर जेजेएम के कार्यों को गति देंगे। इसके लिए जलदाय विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव सुधांश पंत ने शनिवार को अधिकारियों को निर्देश दिए है। वे वीडियों कांफ्रेंसिंग के माध्यम प्रदेश में जल जीवन मिशन के कार्यों की प्रगति की समीक्षा कर रहे थे।

अतिरिक्त मुख्य सचिव पंत ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए विभाग की ओर से जल शक्ति मंत्रालय के समक्ष प्रस्तुत एक्शन प्लान के अनुरूप बेहतर परिणाम के लिए सभी रीजन, सर्किल, जिले, डिवीजन और सब-डिवीजन के स्तर पर 'माइक्रो प्लानिंग' की जाए और उसके अनुरूप रणनीति तैयार कर जेजेएम के कार्यों को गति दी जाए। उन्होंने कहा कि नए वित्तीय वर्ष में 30 लाख घर नल कनेक्शन देने का लक्ष्य चुनौतीपूर्ण है।

जिलावार लक्ष्य निर्धारित करने के निर्देश
एसीएस ने जेजेएम की गहन मॉनिटरिंग के लिए जिलावार लक्ष्य निर्धारित करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मुख्य अभियंता (जेजेएम), मुख्य अभियंता (विशेष प्रोजेक्ट्स) तथा अन्य अधिकारियों के स्तर पर सप्ताह में कुछ घंटे तय करते हुए किसी एक रीजन या फिर कुछ चुनिंदा जिलों पर फोकस करते हुए वीसी आयोजित की जाए। इस पर पहले जेजेएम की टीम के अधिकारी आपस में चर्चा करे और फिर सुझाव एवं कॉमेंट्स के साथ इनको राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक में रखा जाए।

44 प्रतिशत कामों की तकनीकी स्वीकृति जारी
राज्य स्तरीय योजना स्वीकृति समिति (एसएसएससी) की गत बैठकों में मेजर प्रोजेक्ट्स के अतिरिक्त स्वीकृत 9101 कार्यों में से अब तक करीब 4 हजार कामों की तकनीकी स्वीकृतियां (लगभग 44 प्रतिशत) जारी हुई है। बूंदी, चुरू, राजसमंद, बारां, नागौर और भीलवाड़ा जिलों में तकनीकी स्वीकृतियां जारी कर निविदाएं जारी करने का 90 प्रतिशत से अधिक कार्य पूर्ण कर लिया गया है। एसीएस ने प्रदेश के स्कूल, आंगनबाड़ी केन्द्र, पंचायत भवन, पटवार घर और स्वास्थ्य केन्द्रों में भी नल कनेक्शन देने की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि इन इकाइयों पर जितने नल कनेक्शन है, उनकी सूचना भी आॅनलाइन पोर्टल पर नियमित रूप से अपडेट की जाए।