कस्बे के लोगों को इन्दिरा गांधी नहर का मीठा पानी मिलना अभी भी दूरी की कौड़ी बना हुआ है, जबकि कस्बे से चार किलोमीटर की दूरी पर जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के पम्पिंग हाउस तक मीठा पानी पहुंचे महिनों हो गए है। कमी है तो कस्बे में उच्च जलाशयों का निर्माण कार्य पूरा होने की। इन टंकियों का निर्माण वर्ष 2014 में शुरू हुआ था, लेकिन अभी तक भी टंकिया पूरी नहीं बन पाई है, जबकि जलदाय विभाग की मंत्री ने अधिकारियों को 31 मार्च की डेडलाइन दी है।
माणकलाव-दांतीवाड़ा क्षेत्रीय पेयजल योजना के द्वारा नगरपालिका क्षेत्र में विभाग द्वारा चार उच्च जलाशय बनाकर कस्बे में जलापूर्ति किए जाने की योजना बनी। उसे व्यावहारिक रूप देना प्रारम्भ भी किया, लेकिन टंकी निर्माण करने वाली कार्यकारी एजेंसी की शिथिलता के कारण कस्बेवासी मीठे पानी को तरस रहे हैं। आईजी महिला चिकित्सालय में एक टंकी के निर्माण का कार्य शुरू होने से पहले ही रूकवा दिया गया।
ऐसे में एक उच्च जलाशय के लिए तो अभी नींव भी नहीं खुदी है। इस टंकी के निर्माण को लेकर नगरपालिका बोर्ड गंभीर हुआ तथा जयदेव नगर में आरक्षित पार्क क्षेत्र में निर्माण के लिए बोर्ड द्वारा अनुमोदित किया गया। यह टंकी 12 लाख 50 हजार लीटर क्षमता की बनने वाली है।
कई मिक्स तो कहीं खारा पानी
छह माह पूर्व पिचियाक पम्पिंग स्टेशन तक पहुंचे मीठे पानी का पुरानी वैकल्पिक व्यवस्था से कस्बे में जलापूर्ति करने के लिए क्षेत्रीय विधायक ने अधिकारियों पर दबाव बनाया और वर्षों पुराने बने उच्च जलाशय के द्वारा जलापूर्ति करने के लिए निर्देशित किया।
विधायक का दबाव काम आया, लेकिन पच्चीस वार्डो में मीठे पानी की जलापूर्ति किया जाना संभव नहीं हुआ तो कस्बे के दो-तीन मोहल्लों में यह मीठा पानी स्थानीय नलकूपों के फ्लोराइडयुक्त पानी के साथ मिक्स कर जलापूर्ति शुरू की गई। जबकि आठ से नौ वार्डो में वही पुरानी खारे पानी की जलापूर्ति की जा रही है।
टंकियों की इतनी है क्षमता
आदर्श कॉलोनी में निर्माणाधीन टंकी की क्षमता 8 लाख लीटर पानी की, अम्बेडकर सर्किल के निकट निर्माणाधीन टंकी की क्षमता 11 लाख, उचियाडऱ्ा टंकी की क्षमता 4 लाख 90 हजार लीटर तथा चौथी टंकी जो अब तक नहीं बन पाई है और अब जयदेव नगर में बनना तय हुआ है, की क्षमता 12 लाख 50 हजार लीटर की है।
31 मार्च की डेडलाइन का उल्लघंन न हो, इसका पूरा प्रयास है। विभाग ने निर्माणकर्ता कार्यकारी एजेंसी को नोटिस भी जारी कर दिया है तथा समयावधि के अंदर कस्बे के सभी क्षेत्रों में मीठे पानी की जलापूर्ति करवा दी जाएगी।
प्रकाशचन्द चौहान, सहायक अभियंता, जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग, बिलाड़ा।