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कांग्रेस के रणनीतिकार बोले,  जीत के लिए सचिवों को करना होगा कर्नाटक फॉर्मूले पर काम

-कांग्रेस के सेंट्रल वॉर रूम संयोजक शशिकांत सेंथिल पीसीसी मुख्यालय में ली सचिवों की बैठक, प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष डोटासरा ने कहा, मैं उन अध्यक्षों में से नहीं जो अपनी कुर्सी बीच में लगवाने में भरोसा करते हों

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जयपुर। प्रदेश में इस साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनाव में सरकार कैसे रिपीट हो, इसे लेकर सत्तारूढ़ कांग्रेस कांग्रेस हर संभव प्रयास कर रही है। एक ओर जहां कर्नाटक फॉर्मूले पर टिकट वितरण की बात कही जा रही है तो वहीं अब चुनाव रणनीति भी कर्नाटक फॉर्मूले पर बनने पर मंथन हो रहा है।

पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने इसके लिए कर्नाटक में चुनाव प्रबंधन संभाल चुके शशिकांत सेंथिल को राजस्थान की जिम्मेदारी दी है। जिस पर सेंथिल के नेतृत्व में सेंट्रल वॉर रूम ने कामकाज भी शुरू कर दिया है। इसे लेकर सेंथिल ने बुधवार को प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में प्रदेश कांग्रेस सचिवों की बैठक ली और कर्नाटक फॉर्मूले से अवगत करवाया। इस दौरान प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा भी मौजूद रहे।


शशिकांत सेंथिल ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने कर्नाटक में कैसे 40 फीसदी करप्शन के मामले को प्रमुख मुद्दा बनाया जो सीधे जनता से जुड़ा हुआ था। ऐसे में राजस्थान में भी केंद्र सरकार और बीजेपी के खिलाफ ईस्टर्न कैनल परियोजना, महंगाई, युवा बेरोजगारी जैसे मुद्दों को ग्रासरूट पर प्रमुखता से उठाया जाए।

साथ ही सचिवों तो को यह भी कहा कि अपने-अपने प्रभार वाले विधानसभा क्षेत्रों और जिलों में स्थानीय कार्यकर्ताओं और नेताओं के साथ समन्वय रखें और चुनावी का फीडबैक लेते रहे। जिन विधानसभा क्षेत्रों में कांग्रेस को लेकर क्या-क्या कमजोरी सामने आ रही हैं उनका भी फीडबैक सेंट्रल वॉर रूम को भेजा जाए जिससे कि समय रहते उन कमजोरी को दूर किया जाता जा सके।

कार्यकर्ता से पीसीसी अध्यक्ष पद पर
पीसीसी सचिवों की बैठक में प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि पार्टी ने एक आम कार्यकर्ता को कांग्रेस का अध्यक्ष बनाया है यह काम केवल कांग्रेस नेतृत्व भी कर सकता है। उन्होंने कहा कि वे 1981 से कांग्रेस पार्टी से जुड़े थे और आज प्रदेश कांग्रेस के सर्वोच्च पद पर हैं। डोटासरा ने कहा कि मैं उन अध्यक्षों में से नहीं हूं जो मंच पर अपनी कुर्सी बीच में लगवाने में भरोसा करता हों, मैं तो कोने में बैठकर भी काम करने में शर्म महसूस नहीं करता हूं। यही वजह है कि राहुल गांधी की जनसभा दौरान भी मंच पर जिलाध्यक्षों की कुर्सी लगाई गई थी और विधायक सामने बैठे हुए थे।

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