
प्रदेश में झमाझम बारिश का दौर शुरू
Monsoon Forecast : राजस्थान की राजधानी सहित प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ छा गया है। इसके साथ तापमान में भी करीब आठ डिग्री की गिरावट देखी जा रही है। राजस्थान के वायुमंडल के ठीक ऊपर 5.8 किलोमीटर की ऊंचाई पर यह 62 डिग्री पूर्व अक्षांश और 25 डिग्रीं उत्तर देशांतर पर मंडरा रहा है। इसके साथ ही उत्तरी पाकिस्तान से एक और पश्चिमी विक्षोभ भारत की तरह बढ़ रहा है। यह एक चक्रवात के रूप में इस समय डेढ़ से तीन किलोमीटर की समुद्री उंचाई पर आगे बढ़ रहा है। ऐसे में जल्द ही प्रदेश में दूसरा विक्षोभ सक्रिय हो जाएगा।
दौसा में हुई 45 मिलीमीटर बारिश
राजस्थान में इस समय भारत के दोनों खाड़ियों से नमी पहुंच रही है। अरब सागर की खाड़ी के साथ बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी के कारण ही प्रदेश में झमाझम बारिश का दौर शुरू हो गया है। इसके साथ ही कई जगह बारिश का दौरा जारी है। पिछले 24 घंटे से सक्रिय विक्षोभ के कारण प्रदेश में सर्वाधिक बारिश पूर्वी राजस्थान के दौसा के सिकराय में 45 मिलीमीटर हुई है जब पश्चिमी राजस्थान के नोहर में 40 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है।
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आज यहां होगी बारिश
प्रदेश में सक्रिय हुए पश्चिमी विक्षोभ के कारण बीकानेर, जयपुर, अजमेर, भरतपुर, जोधपुर और कोटा के 27 जिलों में आंधी और बारिश का दौर देखने को मिलेगा। मौसम विभाग ने बताया है कि बारिश के साथ साथ प्रदेश के कई इलाकों में ओलावृष्टि होने की संभावना है। इसके साथ ही वज्रपात भी होने की आशंका है। शेखावाटी को लेकर मौसम विभाग ने बताया है कि इस क्षेत्र के एक दो इलाके में बारिश होने की संभावना है।
28 मई को फिर नया विक्षोभ
पाकिस्तान की उत्तरी क्षेत्र में मंडरा रहा पश्चिमी विक्षोभ 28 मई तक राजस्थान पहुंच जाएगा। इसके बाद फिर से बारिश का एक दौर शुरू हो जाएगा। मौसम विभाग के जयपुर केंद्र ने बताया है कि 25 मई को पश्चिमी विक्षोभ का असर जारी रहेगा। इसके कारण बीकानेर, जयपुर, भरतपुर और कोटो के करीब 20 जिलों में बारिश होगी। मौसम विभाग जयपुर केंद्र के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया कि अगले छह दिनों तक अब गर्मी बहुत कम सताएगी।
पांच डिग्री गिरेगा तापमान
अधिकतम तापमान तीन से पांच डिग्री तक गिर जाएगा। प्रदेश में अब कोई भी हीटवेब चलने की संभावना नहीं है। हालांकि बारिश और करीब 60 किलोमीटर प्रतिघंटा की गति से आने वाली आंधी के कारण फसल, बागवानी और वृक्षारोपण को नुकसान हो सकता है। इसके अलावा घरों, दीवारों और झोपड़ियों को नुकसान हो सकता है। बिजली के उपकरण, सोलन पैनल, हल्की बंधी वस्तुएं हवा के दबाव से उड़ सकती है। इन्हें नुकसान पहुंच सकता है ।
Published on:
24 May 2023 03:06 pm

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