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एक पखवाड़ा पूर्व जहां सर्दी से बचने के लिए ऊनी कपडे पहने जा रहे थे, वहीं अब अचानक से बढे तापमान ने घरों व दफ्तरों में पंखे चलवा दिए है। जिससे फलोदी में अप्रेल-मई वाली गर्मी का अहसास हो गया है। होली से पहले इस बार तापमान में हुई बढ़ोतरी ने आने वाले दिनों में पारा और भी बढ़ने की संभावनाओं पर मोहर लगाने लगा है।
जानकारों की माने तो बदल रहे मौसम तंत्र के चलते फरवरी में ही पारा सामान्य से अधिक हो गया है। जिससे आमजन की दिनचर्या के साथ फसलों की सेहत पर भी असर पड़ने की आशंका है। वर्तमान हालात यह है कि दोपहर में गर्म हवाओं का दौर शुरू हो गया है। जिसके चलते हर कोई धूप में खडे होने से बच रहे है। अभी से शीतल पेय पदार्थों की बिक्री में इजाफा होने लगा है। विशेषज्ञों की माने तो इससे पहले फरवरी में ना तो लू चली और ना ही तापमान में इतनी बढोतरी देखी गई।
इस कारण पारे में आया उछाल
मौसम विशेषज्ञों की माने तो पश्चिमी राजस्थान में सर्दी की इस सीजन में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय नहीं हुआ, जिससे बारिश नहीं हुई। कुछ समय के लिए पश्चिमी विक्षोभ आया, लेकिन ऊपर से ही निकल गया। उत्तर की हवाओं का असर भी इस बार कम रहा। जिसके कारण भी इस बार तापमान अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है। हालांकि आगामी दिनों में तापमान में एक दो डिग्री की गिरावट होने की ही आशंका जताई जा रही है।
प्रदेश में सबसे गर्म फलोदी
मौसम विभाग के अनुसार मंगलवार को फलोदी में अधिकतम तापमान 38.06 डिग्री व न्यूनतम तापमान 16.08 डिग्री सैल्सियस के साथ प्रदेश के सबसे गर्म शहर में सुमार कर गया। फलोदी के बाद क्रमशः बाडमेर 37.5, कोटा 37.4 व चुरू 36 डिग्री तापमान के साथ गर्मी का अहसास करवा रहे है।
Published on:
21 Feb 2023 08:17 pm
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