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पश्चिमी विक्षोभ का असर, अगले दो दिन बारिश और ओलावृष्टि की संभावना, चलेंगी तेज हवाएं

मई में तीन सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ आए, आमतौर पर इस पूरे महीने में नहीं आते तीन सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ, असर- लू नहीं, तापमान भी रहा 42 डिग्री से नीचे, मई में जयपुर में पारा रहता है 45 पार, मौसम विभाग का कहना, इसका मानसून पर नहीं पड़ेगा असर

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जया गुप्ता / जयपुर। प्रदेश के कई जिलों खासकर उत्तरी राजस्थान को इन दिनों गर्मी से राहत मिली हुई है। आमतौर इस समय सूर्य देवता अपने चरम पर होते हैं मगर इस बार लगातार हो रही आंधी-बारिश के कारण लोगों को राहत मिली हुई है। यह स्थिति प्रदेश पर बने परिसंचरण तंत्र व पश्चिमी विक्षोभ के कारण है।

यह पहला पश्चिमी विक्षोभ नहीं है, बल्कि तीसरा सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ है। आमतौर पर पूरे मई महीने में तीन सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ नहीं आते। इस बार शुरुआती दस दिनों में तीन सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ आ चुके हैं।

अभी जिस पश्चिमी विक्षोभ का असर बना हुआ है, वह अगले 5-7 दिन तक चलने की संभावना है। इन तीन विक्षोभों के असर के कारण लू नहीं चल रही है। तापमान भी 40-41 डिग्री से कम बना हुआ है। इस महीने में तापमान 35 से 41 डिग्री के बीच रहा है। जबकि आमतौर पर 45 डिग्री तक रहता है।

मौसम केंद्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया कि इस बार मई महीने में अब तक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ अच्छी संख्या में आए हैं। अमूमन तीन विक्षोभ तो पूरे महीने में ही नहीं आते हैं। यह अच्छे संकेत हैं। इसका असर मानसून पर नहीं पड़ेगा।

24 घंटे में 15 मिमी तक हुई बारिश

पिछले 24 घंटों में सर्वाधिक बारिश पूर्वी राजस्थान के बैर, भरतपुर में 15 मिमी व पश्चिमी राजस्थान के जैसलमेर में 12.8 मिमी दर्ज की गई है। मौसम विभाग के अनुसार राज्य के उत्तरी भागों से ट्रफलाइन गुजर रही है साथ ही अरब सागर की खाड़ी से हवाओं के साथ उपयुक्त मात्रा में नमी की सप्लाई भी हो रही है।

इस मौसमी तंत्र के प्रभाव से आगामी तीन दिन जोधपुर, बीकानेर, जयपुर, अजमेर तथा भरतपुर संभाग के जिलों में तीव्र थंडरस्टॉर्म व बिजली चमक के साथ अचानक तेज हवाओं का झोंका 40 से 50 KMPH व हल्के से मध्यम दर्जे की बारिश होने की प्रबल संभावना है। 12-13 मई को उत्तरी भागों में एक दो स्थानों पर ओलावृष्टि भी होने की सम्भावना है। 14 मई को केवल उत्तरी भागों में मध्यम दर्जे का थंडरस्टोर्म होने की संभावना है।