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अखिर ऐसा क्या हुआ…वो बोला…..साहब मुझे मर जाने दो

एचआइवी पीडि़त ने मांगी इच्छामृत्यु, काउंसलर व चिकित्सक के खिलाफ कलक्टर को दी शिकायत

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jaipur

अखिर ऐसा क्या हुआ...वो बोला.....साहब मुझे मर जाने दो

जोगेन्द सिंह गौड़. सीकर. साहब ऐसी जिल्लत भरी जिंदगी से तो अच्छा है मैं मौत को गले लगा लूं। अब और नहीं सहा जाता है। यह सब एक एचआइवी मरीज ने जिला कलक्टर को शिकायती पत्र में लिखा, जिसमें उसने कलक्टर से इच्छा मृत्यु मांगी है। मामला राजस्थान के सीकर जिले का है। पत्र में पीडि़त ने एक चिकित्सक और काउंसलर की शिकायत भी की है।
आखिर क्यों लिखा पत्र?
जानकारी के अनुसार सीकर निवासी सुरेश (बदला हुआ नाम) एचआइवी पीडि़त है। वह सीकर के एसके अस्पताल की चिकित्सक और काउंसलर के तानों से परेशान है। बकौल सुरेश चिकित्सक ऐश्वर्या और काउंसलर सरोज इलाज के दौरान उसे धरती का बोझ बताते हुए ताना मारते हैं। चिकित्सक और काउंसलर उसे कहते हैं कि ना जाने कहां से बीमारी लगा कर आ जाते हैं। ऐसे में यदि मरीज मर भी जाए तो गम नहीं। क्योंकि यह लोग धरती पर बोझ बनकर जी रहे हैं। इसके अलावा उसने बार-बार दवा भी बदल कर देने के का आरोप लगाया। सुरेश का कहना है कि ऐसी जिल्लत भरी जिदंगी से मरना अच्छा है। इसलिए कलक्टर से इच्छामृत्यु मांगी है। वहीं एआरटी सेंटर में पदस्थापित चिकित्सक ऐश्वर्या सैनी और काउंसलर सरोज ने उनके खिलाफ लगाए गए आरोप को झूठा और बेबुनियाद बताया है। गौरतलब है कि एसके अस्पताल में संचालित एआरटी सेंटर पर वर्तमान में 1903 एचआइवी पॉजीटिव का उपचार चल रहा है और काउंसलिंग के बाद दवा दी जा रही है। इनमें कई बालक व बालिकाएं भी शामिल हैं।
अक्सर देते हैं ताने
शिकायत में पीडि़त ने यह तक उल्लेख किया है कि उसके साथ अक्सर ऐसा होता है। उसकी चल रही दवा के अलावा उसे दूसरी दवा काम में लेने के लिए दी जाती है। इसके बाद जब उसकी तबीयत खराब हुई तो उसे दवा बदल कर दी गई। रोगी ने ऐसे दुव्र्यव्हार को रोकने की सिफारिश की है।
मिली है शिकायत
एचआइवी पीडि़तों के लिए काम करने वाली संस्था एसएनपी प्लस के अध्यक्ष विक्रम शर्मा के अनुसार उनके पास ऐसी छह-सात शिकायत मिल चुकी हैं। जिनमें एचआइवी मरीज उनके साथ भेदभाव होने का आरोप लगा रहे हैं। इसके लिए जल्द ही एआरटी सेंटर के इंचार्ज डा. देवेंद्र दाधीच से मिलकर समस्या समाधान की मांग उठाई जाएगी।
इनका कहना
मेरे पास ऐसी कोई लिखित में शिकायत नहीं आई है। फिर भी मामले को गंभीरता से दिखाया जाएगा।
नरेश कुमार ठकराल, जिला कलक्टर, सीकर।