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जयपुर में क्यों बंद है लो फ्लोर बसें, क्यों हड़ताल कर रहे हैं ड्राइवर—कंडक्टर, क्या है तंगी का गणित जानिए अंदरूनी सच्चाई

— जेसीटीएसएल के पास सिर्फ 56 लाख, हड़ताली कर्मचारियों का 4 करोड़ वेतन बकाया — जेसीटीएसएल का दावा आज सड़कों पर लौटी 60 लो फ्लोर बसें— 9 और हड़ताली कर्मचारी सस्पेंड, अब तक 24 कर्मचारी सस्पेंड

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जयपुर

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Pawan kumar

Oct 12, 2018

low floor bus

low floor bus jaipur

जयपुर। राजधानी जयपुर में 260 बसों का संचालन क्यों ठप पड़ा है इसकी अंदरूनी सच्चाई है जयपुर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विस लिमिटेड की तंगहाली। जेसीटीएसएल के पास लो फ्लोर के बसों के चालकों—परिचालकों को वेतन के पेटे बकाया भुगतान के लिए 4 करोड़ रूपए नहीं है। जेसीटीएसएल के पास सिर्फ 56 लाख रूपए ही उपलब्ध है। इसके कारण जेसीटीएसएल कर्मचारियों का पिछले 3 महीने का वेतन बकाया चल रहा है। जेसीटीएसएल कर्मचारी बिना बकाया वेतन भुगतान और वेतन भुगतान हर महीने करने की शर्त माने बगैर हड़ताल से लौटने को तैयार नहीं है।

जेसीटीएसएल ने दिया आॅफर, कर्मचारियों ने नकारा
हड़ताली कर्मचारियों को मनाने के लिए जेसीटीएसएल प्रबंधन ने कल उपलब्ध 56 लाख रूपए से करीब 1,100 कर्मचारियों को कुछ दिनों का वेतन भुगतान करने का आॅफर दिया था। जेसीटीएसएल के ओएसडी मनीष फौजदार ने कहा था कि उपलब्ध राशि से सभी को बराबर मात्रा में वेतन भुगतान कर दिया जाएगा। कर्मचारी काम पर लौट आएं और बसों का संचालन शुरू कर दें, तो रोजाना यात्री किराए से आने वाले पैसे से वेतन भुगतान किया जाएगा। इस पर कर्मचारियों ने कहा कि वे बिना वेतन 3 महीने से काम कर रहे हैं, पहले जब रोजाना राजस्व मिलता था, उससे वेतन भुगतान क्यों नहीं किया गया।

60 बसें चलाने का दावा, 200 बंद
25 दिन से बंद पड़ी लो फ्लोर बसों का संचालन पटरी पर नहीं लौट पाया है। जयपुर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विस लिमिटेड ने हड़ताल कर रहे 9 और कर्मचारियों को निलम्बित कर दिया है। जेसीटीएसएल प्रबंधन अब तक 24 लो फ्लोर चालक—परिचालकों को सस्पेंड कर चुका है। चालक—परिचालकों की हड़ताल के चलते लो फ्लोर बसों का संचालन ठप है, इसे देखते हुए अब जेसीटीएसएल प्रबंधन ने सख्त कार्रवाई करना शुरू कर दिया है। जेसीटीएसएल के जनरल मैनेजर हरीश गोस्वामी ने बताया कि 24 हड़ताली कर्मचारियों का सस्पेंड कर दिया गया है। लो फ्लोर बसों का संचालन सुचारू करने के लिए आज से 60 लो फ्लोर बसों को चलाया जाएगा। इसके लिए अस्थाई चालक—परिचालकों का इंतजाम किया गया है। जेसीटीएसएल की ठेकेदार कंपनी की मदद से चालक—परिचालकों की व्यवस्था की जा रही है। आचार संहिता लागू होने के कारण कर्मचारियों की मांगों को मानना संभव नहीं है। इसलिए अस्थाई तौर पर स्टाफ की व्यवस्था की बसों का संचालन बहाल करने की कोशिश की जा रही है। आने वाले कुछ दिनों में लो फ्लोर की सभी बसें सड़क पर चलने लगेंगी। लोगों की परेशानी को देखते हुए लो फ्लोर बसों का संचालन बेहद जरूरी है।

ये है जेसीटीएसएल का मासिक खर्च


चालक-परिचालक वेतन — 1.50 करोड़
बस रखरखाव — 35 लाख
टायर,स्पेयर पार्टस — 70 लाख
संचालन खर्च — 2.45 करोड़
टिकटिंग बिल तकनीक — 5 लाख

क्या कहते हैं कर्मचारी—अधिकारी —


जेसीटीएसएल प्रबंधन कर्मचारियों की आवाज दबाने के लिए निलम्बन की कार्रवाई कर रहा है। लेकिन कर्मचारी मांगे पूरी नहीं होने तक काम पर नहीं लौटेंगे।
आदित्येन्द्र, पदाधिकारी, एटक

आज 60 बसों का संचालन शुरू किया गया है। जैसे—जैसे अस्थाई स्टाफ मिलेगा बाकी बसें भी सड़क पर लौटने लगेंगी।
हरीश गोस्वामी, जीएम, जेसीटीएसएल