
ये कैसी दोस्ती: हर किरदार एक-दूसरे का दोस्त...फिर भी हो गए खून के प्यासे
जयपुर
ये कैसी दोस्ती... खून के प्यासे हो गए। मालवीय नगर के गिरधर मार्ग पर युवती को कार से कुचलने के मामले में यही सामने आया है, क्योंकि इससे जुड़ा हरेक किरदार एक-दूसरे का पहले से परिचित या दोस्त निकला। होटल मालिक, बार संचालक, निर्माणाधीन रूफ टॉप का नया पार्टनर राजकुमार, आरोपी मंगेश, गौरव, जितेन्द्र और उनके साथ आईं लड़कियां सभी एक-दूसरे के दोस्त रह चुके हैं। सोमवार रात को इन्होंने पहले अलग-अलग जगह पार्टी की थी। रात करीब पौने दो बजे ये गिरधर मार्ग स्थित होटल में पहुंचे थे। बार बंद था, लेकिन सभी परिचित थे, इसलिए बार में बैठकर पार्टी शुरू कर दी। डिस्प्ले में रखी बोतलों से पैग बनाने लगे। नशे में पुरानी बातों का जिक्र हुआ तो दोस्त, दोस्त ना रहा...। होटल मालिक, बार संचालक ने बीच-बचाव कर मामला शांत करवा दिया। लेकिन गौरव ने अपने दोस्त मंगेश को समझाने की बजाय इतना उकसा दिया कि वह अच्छा-बुरा ही भूल गया और राजकुमार को टक्कर मारते हुए कार उमा सुथार पर चढ़ा दी। उधर, पुलिस ने गुरुवार को मुख्य आरोपी मंगेश के साथी गौरव नागपाल को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने मुख्य आरोपी मंगेश अरोड़ा को कोर्ट में पेश कर पांच दिन की रिमांड पर लिया है।
जितेन्द्र को पता था, फिर भी की मदद
राजकुमार और उमा को कार से टक्कर मारने के बाद मंगेश अरोड़ा ने अपने दोस्त जितेन्द्र सिंह से मदद ली थी। मंगेश ने जितेन्द्र को बता दिया था कि वह झगड़े के बाद राजकुमार और उमा को कार से टक्कर मारकर आया है। इसके बाद जितेन्द्र ही मंगेश को अजमेर ले गया था। पुलिस जितेन्द्र के खिलाफ भी कार्रवाई कर रही है। पुलिस ने बताया कि मंगेश ने भी एक महीने क्लब चलाया था। लेकिन इस काम में सफलता नहीं मिली तो उसने बंद कर दिया। क्लब चलाने के दौरान ही मंगेश की राजकुमार से मुलाकात हुई थी।
मंगेश की प्रेमिका की तलाश
होटल व उसके बाहर जब दोनों पक्षों के बीच झगड़ा हुआ था, तब मंगेश की गर्लफ्रेंड उसके साथ थी। इस झगड़े को भड़काने में उसकी कितनी भूमिका थी, इसकी भी पुलिस जांच कर रही है। हालांकि टक्कर मारने के बाद मंगेश ने उसे मालवीय नगर स्थित नंदपुरी अंडरपास के पास छोड़ दिया था। पुलिस अब उसके आबू स्थित घर पर टीम भेजेगी।
'बेटी नहीं मेरा बेटा चला गया'
नीमच के रतनगढ़ स्थित खातीखेड़ा गांव निवासी उमा सुथार की मौत ने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया। गुरुवार सुबह जब उसकी अर्थी उठी तो मां बेसुध हो गई और पिता के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे। वह लोगों से बार-बार यही कह रहे थे कि उनकी बेटी नहीं बेटा चला गया। जिस तरह से उमा घर को संभालती थीं, उसकी हर कोई प्रशंसा करता हुआ नजर आया। गांव के लोगों का कहना है कि वह सभी से आत्मीयता से बात करती थी, बड़ों का सम्मान करती थी। उमा के पिता मोती लाल जांगिड़ की आर्थिक स्थिति खराब है। उमा की मां आशा कार्यकर्ता के रूप में काम करती है। जबकि छोटी बहन दीया और कुशल अभी पढ़ाई कर रहे हैं। कार की टक्कर से घायल उमा का परिचित राजकुमार भी अंत्येष्टि में पहुंचा था। जहां पर उसने कहा कि वह उमा के परिवार की हर संभव मदद करेगा।
बार संचालक के विरुद्ध मामला दर्ज
डीसीपी (पूर्व) ज्ञानचंद यादव के निर्देश के बाद थानाप्रभारी दलबीर ङ्क्षसह फौजदार ने बार मालिक के खिलाफ सरकारी आदेश की अवहेलना का मामला दर्ज किया है। पुलिस की ओर से आबकारी विभाग को भी पत्र लिखकर बार का लाइसेंस निरस्त करने के लिए कहा जाएगा। एसीपी संजय शर्मा ने बताया कि सरकार के आदेश के अनुसार रात 12 बजे बाद बार में शराब नहीं परोसी जा सकती है। जबकि बार में ये लोग अलसुबह तक पार्टी कर रहे थे।
पुलिस-अभिभावक समझें जिम्मेदारी
इस पूरे मामले से अब पुलिस व अभिभावकों को सीख लेने की जरूरत है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटना न हो। रेस्त्रां-बार व होटलों में देररात तक चलने वाली पार्टियों पर पुलिस सख्ती से लगाम लगाए। रात्रि में नाकाबंदी व गश्त बढ़ाए, नशे में गाड़ी चलाने वालों व झुंड बनाकर सड़कों पर खड़े रहने वाले समाजकंटकों पर कार्रवाई करे। अभिभावकों को भी चाहिए कि वह अपने बच्चों पर नजर रखें, इतनी देरतक किसके साथ और क्यों घूम रहे हैं, कहीं नशे में वे कोई गलत कदम न उठा लें।
Published on:
29 Dec 2023 06:44 pm
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