Jaipur Police Commissioner Biju George Joseph : आईसीयू में मां... और ड्यूटी देने की 'मजबूरी'! जयपुर कमिश्नर ने निभाया बेटे और 'खाकी' का फ़र्ज़
पुलिस की 'हार्ड ड्यूटी' क्या होती है, इसका अंदाज़ा जयपुर पुलिस कमिश्नर बीजू जॉर्ज जोसफ के हालिया उदाहरण से जाना जा सकता है। अस्पताल के आईसीयू में भर्ती मां जहां जीवन के सबसे मुश्किल दौर से गुज़र रही हैं, वहीं बेटा अपनी मां की देखभाल करने के साथ ही अपनी ड्यूटी को भी अंजाम दे रहा है।
'बेटे का फ़र्ज़' निभाने की ली थी अनुमति
सामने आया है कि कमिश्नर बीजू जॉर्ज की मां पिछले कुछ दिनों से अस्वस्थ चल रहीं थीं। नौबत यहां तक पहुंच गई थी कि उन्हें अस्पताल की आईसीयू तक में भर्ती करवाना पड़ा था। इसी कारण से जोसफ ने मां की देखभाल के लिए बाकायदा पुलिस महानिदेशक से विशेष अनुमति भी ली थी।
अस्पताल जाने के बजाए पहुंचे घटनास्थल
जानकारी में सामने आया है कि कमिश्नर बीजू जॉर्ज जोसफ की मां की तबीयत ज़्यादा बिगड़ने पर उन्हें 5 दिसम्बर की सुबह जयपुर के एक निजी हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया था। आईसीयू में भर्ती होने पर जोसफ को अपनी मां को संभालने जाना ही था कि राजधानी में बड़ा घटनाक्रम हो गया।
5 दिसंबर की दोपहर को ही हुए इस बड़े घटनाक्रम ने ना सिर्फ पुलिस महकमें में, बल्कि पूरे शहर में हड़कंप का माहौल बना दिया था। श्री राष्ट्रीय राजपूत करनी सेना के अध्यक्ष सुखदेव सिंह गोगामेड़ी सहित दो लोगों के मर्डर की खबर जैसे ही जोसफ को लगी, तो उन्हें मां के पास जाने की बजाय घटना स्थल पर पहुंचना पड़ गया।
'खाकी' का निभाया फ़र्ज़
5 दिसंबर की घटना के दिन दोपहर से लेकर रात भर तक शहर में तनाव के बीच कमिश्नर जोसफ जांच-पड़ताल पर जुटे रहे। यही नहीं, अगले दिन 6 दिसंबर की तड़के तक वे मानसरोवर स्थित मेट्रो मास हॉस्पिटल के बाहर धरना देकर बैठे लोगों को समझाते रहे। साथ ही शूटर्स को पकड़ने के लिए एडिशनल पुलिस कमिश्नर कैलाश बिश्नोई व एडिशनल डीसीपी राम सिंह शेखावत से लगातार बातचीत करते रहे।
...साहब लगातार भागदौड़ कर रहे हैं
जोसफ के गनमैन ने कहा कि 5 दिसम्बर के बाद से अब तक साहब...भागदौड़ ही कर रहे हैं। हालांकि कमिश्नर की मां की तबीयत में सुधार होने पर 6 दिसम्बर को अस्पताल से छुट्टी मिल गई थी।