उन्होंने संस्थान में गेहूं, जौ, सब्जी, चना आदि फसलों पर चल रहे अनुसंधान कार्यो को देखा। साथ ही, संबंधित कृषि वैज्ञानिकों से जानकारी भी प्राप्त की। शोध प्रक्षेत्र भ्रमण के बाद रूफटॉप फार्मिंग मॉडल का भी कृषि-उद्यानिकी मंत्री ने अवलोकन किया। इस मॉडल को देखकर कृषि मंत्री खासे प्रभावित हुए। उन्होंने कहा कि रूफटॉप फार्मिंग को अपनाकर शहरी लोग रसायन मुक्त फल-सब्जी का उत्पादन कर सकते है। इससे पोषण स्तर में सुधार भी होगा। वहीं, मानसिक स्वास्थ्य भी बेहतर होगा।