20 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

देसी ठर्रे ने उतारा विलायती दारू का सुरूर….सबको इसी जगह चाहिए दुकान!

जिले के लोगों को देसी शराब की दुकान ही मुफीद लग रही है।  इसकी पुष्टि आबकारी विभाग में शराब की नई दुकानों के लिए आवेदन से हो रही है। सीकर जिले में 13 दिन के दौरान देसी शराब की दुकान के लिए 17 हजार से अधिक आवेदन मिले हैं।

2 min read
Google source verification

image

Vishwanath Saini

Mar 05, 2016

जिले के लोगों को देसी शराब की दुकान ही मुफीद लग रही है। इसकी पुष्टि आबकारी विभाग में शराब की नई दुकानों के लिए आवेदन से हो रही है। सीकर जिले में 13 दिन के दौरान देसी शराब की दुकान के लिए 17 हजार से अधिक आवेदन मिले हैं। जबकि अंग्रेजी शराब की दुकान के लिए महज छह हजार आवेदन आए हैं। अधिकारियों की मानें तो देसी शराब की दुकान के लिए शुल्क ज्यादा होने के बाद आवेदक देसी शराब की दुकान लेने को ही तरजीह दे रहे हैं। वहीं अंग्रेजी शराब की दुकानों के लिए आवेदक मुंह मोड रहे हैं।

तापडिय़ा बगीची व जयपुर रोड पर जोर

शराब की दुकानों के आवंटन के लिए आवेदकों में होड़ मची है। जिला आबकारी कार्यालय में आवेदन के लिए दिनभर मेले सा माहौल नजर आ रहा है। सबसे अधिक आवेदन तापडिया बगीची, जयपुर रोड, नवलगढ़ रोड व बस डिपो के पास स्थित शराब की दुकानों के लिए आ रहे हैं।

पहले दिन पांच सौ अब छह हजार आवेदन

आबकारी विभाग में दुकानों के लिए आवेदन 21 फरवरी से जमा होने शुरू हुए। देसी शराब की दुकान के लिए 20 हजार रुपए व अंगे्रजी शराब की दुकान के लिए 21 हजार रुपए का डिमांड ड्राफ्ट लिया जा रहा है। छह मार्च तक दुकान के लिए ऑनलाइन आवेदन किया जाएगा। सात मार्च तक हार्ड कॉपी जमा कराई जाएगी। ऐसे में विभाग को पिछले वर्ष की तुलना में 15 प्रतिशत अधिक राजस्व मिलने की उम्मीद है।

दांव आजमा रहे युवा

गौरतलब है कि बेरोजगारी को देखते हुए शराब की दुकान लेेने के लिए आवेदकों में युवाओं की खासी संख्या है। इन आवेदकों की ओर से भरे जा रहे आवेदनों में अधिकांश आवेदन परिवार के नाम से ही हैं। महिलाओं की संख्या अधिक होने के पीछे कारण है कि महिलाएं के नाम से नौकरी पेशे वाले लोग फार्म भर रहे हैं। वहीं महिलाओं के विरुद्ध आपराधिक मामले भी कम होते हैं।