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राजस्थान में बढ़ गए भेड़िए और भालू

भालुओं के लिए प्रसिद्ध जालोर के सुंधा माता अभयारण्य में रौनक से वन्यजीव प्रेमी खासे उत्साहित हैं। अभयारण्य में दो साल में वन्य जीवों की संख्या 75 फीसदी तक बढ़ गई। 2020 की गणना में जहां 2406 वन्य जीव थे, जो इस साल 4231 तक पहुंच गए।

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भालुओं के लिए प्रसिद्ध जालोर के सुंधा माता अभयारण्य में रौनक से वन्यजीव प्रेमी खासे उत्साहित हैं। अभयारण्य में दो साल में वन्य जीवों की संख्या 75 फीसदी तक बढ़ गई। 2020 की गणना में जहां 2406 वन्य जीव थे, जो इस साल 4231 तक पहुंच गए। लंगूर और मोर के साथ जरख व बघेरा की संख्या भी दोगुनी हो गई। भालुओं की संख्या 66 से बढ़कर 74 हो गई। जसवंतपुरा रेंज स्थित सुंधा माता अभयारण्य जालोर जिले में 10 हजार 114 और सिरोही में 1634 हेक्टेयर में फैला हुआ है। यहां वन्य जीवों की 29 प्रजातियों की गणना के बाद ये खुशखबर मिली है।

इन प्रजातियों की संख्या में हुआ इजाफा

प्रजाति 2020 2022

लंगूर 785 1504

मोर 719 1271

नीलगाय 483 633

जंगली ***** 204 345

सियार 38 84

जरख 32 81

भालु 66 74

लोमड़ी 33 59

बिज्जु 9 35

सेही 51 88

जंगली बिल्ली 21 26

बाघ सहित ये प्रजातियां गायब, 7 में से 5 अजगर बचे

वन्य जीव गणना में 29 में से 12 प्रजातियों का एक जीव भी नहीं मिला। इसमें बाघ, बघेरा, मरु बिल्ली, भेड़िया, सियागोश, चीतल, काला हरिण, चिंकारा, बारहसिंगा, गोडावन, सारस और साण्डा प्रजाति शामिल है। गणना के दौरान अजगर की संख्या में दो की कमी आई। दो साल पहले सात अजगर थे, जो अब पांच रह गए।

मजबूत होगा पारिस्थितिकी तंत्र

कोविड के दो साल बाद हुई वन्यजीव गणना में सभी जीवों की संख्या में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। कुनबा बढ़ने से पारिस्थितिकी तंत्र मजबूत होगा। -कृष्ण कुमार परमार, क्षेत्रीय वन अधिकारी, जसवंतपुरा






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