
Woman Murder Case : करधनी थाना पुलिस ने 2 मई को मिली महिला की हत्या का पर्दाफाश करते हुए वेश्यावृत्ति करवाने वाले दो दलालों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने एक महिला सहित दो लोगों के साथ मिलकर दो वर्ष पहले भी बलात्कार के बाद एक युवती की हत्या कर शव कालवाड़ इलाके में फेंक दिया था। हालांकि उस मामले में आज तक युवती की शिनाख्त नहीं हो सकी और न ही चार दिन पहले मिली युवती की शिनाख्त हो सकी है।
एडिशनल पुलिस कमिश्नर कैलाश बिश्नोई ने बताया कि करधनी थाना पुलिस ने बलात्कार के बाद युवती की हत्या के मामले में कुचामन सिटी निवासी अशाराम स्वामी व दौसा के महुवा निवासी राहुल अग्रवाल को गिरफ्तार किया है। जबकि दो वर्ष पहले 24 मई को युवती की हत्या कर शव फेंकने के मामले में आरोपी राहुल की बहन मनीषा उर्फ कनक व नदबई (भरतपुर) निवासी सुनील कुमार को गिरफ्तार किया है।
आरोपी राहुल व आशाराम ने कालवाड़ में शव मिलने वाली युवती से भी बलात्कार किया था और विरोध करने पर उसकी हत्या कर दी थी। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी वेश्यावृत्ति के लिए बाहर से युवतियों व महिलाओं को जयपुर बुलाते थे। आशाराम व राहुल इन युवतियों व महिलाओं से पहले खुद शारीरिक संबंध बनाते थे। जो भी विरोध करती तो उसकी हत्या कर देते। आरोपियों ने करधनी में फेंकी गई महिला की हत्या से पहले बलात्कार किया था। विरोध करने पर चाकू से वार कर उसकी हत्या कर दी और शिनाख्त न हो इसके लिए चेहरे पर कई कट लगा दिए थे।
डीसीपी अमित कुमार ने बताया कि अशाराम व राहुल मालपुरा थाना क्षेत्र में एक युवती से बलात्कार व मारपीट के मामले में मनीषा उर्फ कनक व सुनील के साथ जेल जा चुके। वहीं आरोपी आशाराम व राहुल झोटवाड़ा में एक युवती का अपहरण कर बलात्कार करने के मामले में भी जेल जा चुके।
डीसीपी (पश्चिम) अमित कुमार ने बताया कि 2 मई की घटना में सबसे बड़ी बात रही कि क्राइम सीन सुरक्षित था। देर रात तीन बजे तक क्षेत्र में बारिश हुई थी, जिसके कारण भी मदद मिली। पता चला कि हत्यारे शव को रात तीन बजे बाद फेंककर गए। मिट्टी में चौपहिया वाहन के टायर के निशान सुरक्षित मिले। सभी थानों में सीसीटीवी कैमरा देखने वाले दो-दो पुलिसकर्मी एक्सपर्ट हैं। क्षेत्र के एक्सपर्ट 38 पुलिसकर्मी व डीएसटी की टीम को शामिल कर 45 टीम बनाई गई।
सात नंबर बस स्टैंड से मंगलम सिटी जाने वाले मार्ग के प्रवेश व निकास पॉइंट तक करीब 22 लिंक मार्ग चिह्नित किए। इसके बाद 300 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज से रात 2 बजे बाद से सुबह साढ़े पांच बजे तक इस मार्ग पर आने व जाने वाले प्रत्येक चौपहिया वाहनों की सूची तैयार करवाई गई। करीब 700 वाहनों में आरोपियों की वैन संदेह के घेरे में आई। उस पर नंबर प्लेट फर्जी लगी थी। सीसीटीवी कैमरों के जरिये कार जहां से रवाना हुई वहां तक टीम पहुंची। सादा वर्दी में टीम ने जानकारी जुटाई तो दोनों की जानकारी मिली। दोनों आरोपियों को पकड़कर पूछताछ की तो उन्होंने हत्या करना कबूल लिया।
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Updated on:
06 Jun 2024 08:46 am
Published on:
06 Jun 2024 08:45 am
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