जयपुर

सैलून में बाल धोने के दौरान महिला को ‘ब्यूटी पार्लर स्ट्रोक’

सावधान : चक्कर आए और चाल लड़खड़ाई, इलाज के बाद आई जान में जान। दब गई थी मस्तिष्क को रक्त आपूर्ति करने वाली नस।

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Nov 02, 2022
सैलून में बाल धोने के दौरान महिला को 'ब्यूटी पार्लर स्ट्रोक'

हैदराबाद. हैदराबाद की 50 वर्षीय एक महिला के लिए सैलून जाना बुरे सपने जैसा साबित हुआ। बाल कटवाने से पहले इन्हें धोने के दौरान उसे दौरा पड़ गया। उसके डॉक्टर के मुताबिक दौरा तब पड़ा, जब बाल धोते समय गर्दन झुकाने के कारण मस्तिष्क को रक्त आपूर्ति करने वाली एक महत्त्वपूर्ण नस दब गई। इलाज के बाद अब महिला स्वस्थ है।
न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. सुधीर कुमार ने बताया कि ब्यूटी पार्लर में बालों को शैम्पू से धोने के दौरान महिला को शुरू में चक्कर आए, घबराहट और उल्टी का अनुभव हुआ। उसे पहले एक गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट के पास ले जाया गया था। वहां लक्षणों में सुधार नहीं हुआ। अगले दिन उसकी चाल में हल्की लड़खड़ाहट आ गई। बाद में वह डॉ. सुधीर कुमार के पास पहुंची। एमआरआइ में उसके मस्तिष्क क्षेत्र में अवरोध का खुलासा हुआ। डॉक्टर ने बताया कि बाल धोते समय गर्दन को वॉश-बेसिन की ओर मोड़ने के कारण ऐसा हो सकता है।

गर्दन झटके से पीछे झुकाना खतरनाक
न्यूरोलॉजिस्ट मानते हैं कि सिर की मालिश और बाल धोने के दौरान गर्दन को झटके से पीछे झुकाना ब्यूटी पार्लर स्ट्रोक का एक कारण हो सकता है। कई बार मालिश के दौरान गर्दन और सिर को जोर से दबाया जाता है। कभी-कभी चटकने की आवाज पैदा करने के लिए भी गर्दन को मोड़ा जाता है। इससे दिमाग को रक्त आपूर्ति करने वाली नसों में समस्या पैदा होने की आशंका रहती है।

क्या है ब्यूटी पार्लर स्ट्रोक सिंड्रोम
अमरीकन मेडिकल एसोसिएशन के जर्नल में 1993 में डॉ. माइकल वेनट्राब ने सबसे पहले ब्यूटी पार्लर स्ट्रोक सिंड्रोम का जिक्र किया था। उस साल हेयर सैलून में शैंपू के बाद पांच अमरीकी महिलाओं में गंभीर न्यूरोलॉजिकल लक्षण विकसित हुए थे। इनमें चक्कर आना, असंतुलन और चेहरे का सुन्न होना शामिल था।

Updated on:
03 Nov 2022 07:23 am
Published on:
02 Nov 2022 11:48 pm
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