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जयपुर में स्वास्थ्य मंत्री परसादी लाल मीणा के आवास के बाहर रात भर धरने पर बैठी रही महिलाएं

राजधानी जयपुर में स्वास्थ्य मंत्री परसादी लाल मीणा के आवास के बाहर संविदा नर्सेस कर्मियों ने धरना दिया।

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जयपुर में स्वास्थ्य मंत्री परसादी लाल मीणा के आवास के बाहर रात भर धरने पर बैठी रही महिलाएं

जयपुर में स्वास्थ्य मंत्री परसादी लाल मीणा के आवास के बाहर रात भर धरने पर बैठी रही महिलाएं

जयपुर। राजधानी जयपुर में स्वास्थ्य मंत्री परसादी लाल मीणा के आवास के बाहर संविदा नर्सेस कर्मियों ने धरना दिया। महिलाएं रात भर स्वास्थ्य मंत्री के आवास के बाहर सर्दी में धरने पर बैठी रहीं। संविदा कर्मियों को नियमित करने की मांग के साथ साथ राज्य सरकार द्वारा संविदा कर्मियों के लिए लाए गए ने नियम कॉन्ट्रैक्चुअल हायरिंग टू सिविल पोस्ट रूल्स 2022 में संशोधन करने की मांग को लेकर धरना दिया जा रहा है।

धरने पर बैठे प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब कांग्रेस ने साल 2018 में विधानसभा चुनाव लड़ा था तब पार्टी ने घोषणा पत्र में संविदा कर्मियों को नियमित करने का वादा किया था। लेकिन सरकार ने चार वर्ष बीतने के बाद भी वादे को पूरा नहीं किया गया। साथ ही वाहवाही लूटने के लिए संविदा कर्मियों के लिए नए नियम लाकर धोखा किया जा रहा है। इस नियम में संविदा कर्मियों की पिछली नौकरी को शून्य मानते हुए अन्य परिलाभों में कटौती कर एक बार फिर संविदा पर ही रखने का निर्णय किया है, जिससे सभी संविदा कर्मियों में भारी रोष है। संविदा कर्मियों का कहना है कि संविदा कर्मचारियों के सर्विस रूल्स बनाए गए, जिसमें विगत 15 वर्षों से कार्यरत कर्मचारियों को किसी भी प्रकार का कोई भी लाभ नहीं दिया जा रहा है। आकस्मिक अवकाश भी 25 से घटाकर 12 कर दिए गए हैं। यही नहीं रूल्स के अनुसार संविदा कर्मियों को न तो दुर्घटना बीमा दिया गया है, न आरजीएचएस में शामिल किया गया है और न ही ओपीएस लागू है। इसी तरह अनुकंपा नियुक्ति, एचआरए, ग्रेज्यूटी आदि का कहीं कोई जिक्र नहीं है। इसके लिए सरकार से इन रूल्स में संशोधन की मांग कर रहे है।