
जयपुर। प्रदेश में बजरी खनन पर लगी रोक ने रामनिवास बाग स्थित जन्तुआलय और चिडिय़ाघर से वन्य जीवों को शिफ्ट करने की प्रक्रिया को थाम दिया है। पिछले साल जून में नाहरगढ़ जैविक उद्यान की शुरुआत के साथ ही जन्तुआलय से वन्य जीवों को यहां शिफ्ट किया जाना था। इस दौरान ज्यादातर बड़े जानवरों को यहां से शिफ्ट कर दिया गया है। लेकिन चिडिय़ाघर और घडिय़ाल-मगरमच्छ अब भी यहीं रह रहे हैं। उद्यान के अधिकारियों की मानें तो इनके प्राकृतिक पर्यावास के निर्माण के लिए जो जगह बनाई जानी है वो बजरी पर रोक के कारण अभी अटका हुआ है। ऐसे में प्रतिबंध हटने पर ही काम फिर से शुरू हो सकेगा।
टिकट दर घटाई
नाहरगढ़ जैविक उद्यान में प्रतिदिन सैंकडों भारतीय पर्यटकों की आवाजाही रहती है। वहीं पर्यटन सीजन के पीक पर होने के कारण जन्तुआलय और चिडिय़ाघर देखने के लिए भी दर्शक आ रहे हैं। लेकिन बड़े वन्य जीवों के अभाव में दर्शकों को आकर्षित करने के उद्देश्य से चिडिय़ाघर और जन्तुआलय की टिकट दर 50 रुपए से घटाकर 20 रुपए कर दी गई है।
मार्च तक लॉयन सफारी
जैविक उद्यान प्रशासन से मिली जानकारी के मुताबिक अगर जनवरी में बजरी खनन से प्रतिबंध हट जाता है तो पार्क का महत्वकांक्षी प्रोजेक्ट लॉयन सफारी मार्च के अंत तक शुरू हो सकता है। इसके लिए तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। अगर ऐसा होता है तो नए साल में जयपुर के पर्यटन आकर्षण में रणथम्भौर जैसी लॉयन सफारी भी जुड़ जाएगी। इससे आने वाले दिनों में पर्यटन के हिसाब से लाभ होगा।
मार्च तक लॉयन सफारी की शुरुआत
बजरी पर लगी रोक के कारण अभी लॉयन सफारी और चिडिय़ाघर के पक्षियों की शिफ्टिंग का काम अधूरा है। बजरी पर लगी रोक हटते ही यहां मार्च तक लॉयन सफारी की शुरुआत की जा सकती है।
सुदर्शन शर्मा, डीएफओ, नाहरगढ़ बॉयोलॉजिकल पार्क, कूकस
Published on:
28 Dec 2017 06:42 pm
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