By Dipanshu
किताबें हमारे जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होती हैं। यह हमें सोचने का नजरिया देती हैं। आज विश्व पुस्तक दिवस है। अगर जयपुर की बात करें तो बुक्स पढऩेे को लेकर क्रेज बरकरार है। भले ही सोशल मीडिया कितना भी पॉपुलर हो रहा हो लेकिन आज भी लोग किताब खरीदना पसंद कर रहे हैं। आजकल खासतौर पर पढ़ी जा रही हैं नॉन फिक्शनल किताबें। सिटी के शॉप आनर्स की मानें तो सबसे ज्यादा बिकने वाली किताबों में नॉन पुस्तक या किताबें किसी भी इंसान के जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होती हैं। मन में उठ रहे किसी भी सवाल का जवाब हमें किताबों के माध्यम से मिल जाता है। यह हमें सोचने का नजरिया देती हैं। आज हमारे जीवन के इस खास वस्तु का दिन यानी विश्व पुस्तक दिवस है। अगर जयपुर की बात करें तो बुक्स पढऩे को लेकर क्रेज बरकरार है। भले ही सोशल मीडिया कितना भी पॉपुलर हो रहा हो लेकिन आज भी लोग किताब खरीदना पसंद कर रहे हैं। आजकल खासतौर पर पढ़ी जा रही हैं नॉन फिक्शनल किताबें। सिटी के शॉप आनर्स की माने तो सबसे ज्यादा बिकने वाली किताबों में नॉन फिक्शनल बुक्स शामिल हैं। सबसे ज्यादा पढ़े जाने वाली किताब गौर गोपाल दास की ‘एनर्जाइज योर माइंड’ है। काम करने के तरीके को डिकोड करने वाली और जीवन में खुश रहने की मंत्र देने वाली किताब एनरजाइज योर माइंड आज युवाओं के साथ हर आमजन की पहली पसंद बनी हुई है। जाने माने लाइफ कोच गौर गोपालदास लिखित इस बुक में अपने अनुभवों का जिक्र भी किया है। इसी प्रकार बाय मोर्गन हाउसल की किताब द साइकोलॉजी अॅाफ माइंड को भी काफी पसंद किया जा रहा है। इसी प्रकार जय शेट्टी की किताब’ 8 रूल आफ लव’ में बताते हैं कि, हम अपना पूरा जीवन चाहने, इंतजार करने,चाहन, प्यार पाने और पाने की उम्मीद में बिताते हैं,लेकिन जब हम प्यार देने, प्यार बांटने, प्यार बढ़ाने की दिशा में कदम उठाते हैं, तो हमें इसका सही अनुभव होता है।
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Top 10 नॉन फिक्शन बुक्स
गौर गोपाल दास की ‘एनर्जाइज योर माइंड’
मोर्गन हाउसल की ‘द साइकोलॉजी ऑफ मनी’
जय शेट्टी की ‘8 रूल ऑफ लव’
एरिक जोर्गेनसन की ‘द अलमानेक ऑफ नवल रविकांत’
विनोद पोट्टायिल की ‘वॉट एवरी इंडियन शुड नो बिफोर’
जय शेट्टी की ‘थिंक लाइक अ मॉन्क’
मार्क मैनसन की ‘द सब्टल आर्ट ऑफ नॉट गिविंग फक’
चैतन्य चरण की ‘गीता विजडम थ्रो कोट्स’
एलि हॉनिग की ‘अनटचेबल हाउ पावरफुल पीपुल गेट अवे विद इट’
क्यों पसंद आती हैं नॉन फिक्शनल किताबें ?
हम सेल्फ.हेल्प और खेल की किताबों की मांग बढ़ती जा रही है। ज्यादातर फक्शन पाठक नॉन-फिक्शन को अपना रहे हैं। जीवनी, इतिहास, राजनीतिक सिद्धांत, भू.राजनीति, सेल्फ -हेल्प, स्वास्थ्य और आध्यात्मिकता की किताबें पिछले एक दशक में सभी बाधाओं को मात देकर आगे बढ़ रही हैं। ,पाठक अब,गंभीर लेखकों और विश्वसनीय लेखकों या ष्जीवन में काम आने वाली किताबों की तलाश कर रहे हैं जो उनके जीवन में मूल्य जोड़ सकते हैं।