
दुनिया के पहले नियोजित शहर की गंगापोल पर रखी गई थी नींव
दुनिया के पहले नियोजित शहर की गंगापोल पर रखी गई थी नींव
- जयपुर स्थापना दिवस पर किया गंगापोल पर गणेश पूजन
- गणेश निमंत्रण के साथ नगर निगम की ओर से हुआ जयपुर समारोह शुरू
जयपुर। वर्ल्ड हेरिटेज सिटी जयपुर (World Heritage City) ने सोमवार को अपना 292वां स्थापना दिवस (Foundation Day) मनाया। जयपुर (Jaipur) दुनिया का पहला एेसा शहर है, जिसका पहले नक्शा बना, उसके बाद इसकी नींव रखी गई। यह दुनिया का पहला नियोजित शहर है, जो 9 चौकडि़यों में बसा हुआ है। महाराजा जयसिंह ने जयपुर की स्थापना 18 नवम्बर, 1727 को करवाई थी। जयपुर की नींव गंगापोल गेट पर रखी गई। आज जयपुर के स्थापना दिवस पर गंगापोल गेट पर नगर निगम की ओर से गणेश पूजन किया गया। इससे पहले मोती डूंगरी गणेशजी मंदिर में गजानन महाराज की पूजा की गई। इसके साथ ही शहर में जयपुर समारोह के तहत कई कार्यक्रम हुए।
नगर निगम की ओर से गणेश पूजन और गणपति निमंत्रण के साथ जयपुर समारोह की शुरुआत हुई। नगर निगम महापौर विष्णु लाटा, मुख्य सचेतक महेश जोशी सहित नगर निगम सांस्कृतिक समिति चेयरमैन मोहनलाल मीणा ने मोती डूंगरी गणेश मंदिर में गजानन महाराज का पूजन किया गया। इसके बाद परकोटे में गंगापोल गेट पर गणेश पूजन किया गया। यहां मुख्य सचेतक महेश जोशी व महापौर विष्णु लाटा ने गेट पर विराजित गणेशजी महाराज का पूजन किया और जयपुर की खुशहाली की कामना की।
महापौर विष्णु लाटा ने कहा कि विकास और विरासत के नाम पर जयपुर शहर में गुलाबी नगर से वर्ल्ड हेरिटेज सिटी का खिताब हासिल किया। अब विरासत को संयोए रखने के साथ विकास को गति देने के लिए शहर में दो नगर निगम बनाए जा रहे हैं। विरासत को संजोए रखने के लिए हेरिटेज नगर निगम बनाई जा रही है, वहीं शहर के बाहरी हिस्से का विकास तीव्र गति से हो, इसके लिए जयपुर गे्रटर नगर निगम बनाई गई है। आपकों बतादें कि आज के दिन यानी 18 नवम्बर 1727 को जयपुर शहर की स्थापना के लिए गंगापोल दरवाजे पर ही नींच रखी गई थी। इस दरवाजे ने जयपुर शहर के गुलाबी नगर से लेकर मेट्रो सिटी और अब वल्र्ड हेरिटेज सिटी तक का सफर देखा है।
जयपुर समारोह के तहत नगर निगम की ओर से गोविंददेवजी मंदिर में कथक नृत्य का आयोजन किया गया। इसमें महापौर सहित शहर के लोग शामिल हुए। आपकों बतादें कि जयपुर स्थापना के करीब 17 साल पहले गोविंददेवजी यहां विराजित किए गए थे। यहीं कारण है कि गोविंददेवजी को शहर का आराध्य देव माना गया। इसी के चलते आज गोविंददेवजी मंदिर में कथक नृत्य पेश किया गया।
Published on:
18 Nov 2019 04:57 pm
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