
जयपुर। World Sleep Day- खर्राटे लेना एक आम समस्या है। हम सभी इसके प्रति लापरवाही दिखाते हैं, लेकिन Snoring आना गंभीर बीमारी हो सकती है। साथ ही यह अन्य कई बीमारियों का कारण भी बन सकते हैं।
आमतौर पर यह समस्या 40 से 60 वर्ष की आयु में होती है, लेकिन अब तो 30 साल के युवाओं और किशोरों में भी खर्राटे लेने की बीमारी सामने आ रही है। अब तो छोटे बच्चों में भी इस रोग के लक्षण दिखाई देने लगे हैं। यह रोग महिलाओं के मुकाबले पुरुषों में करीब दोगुना सामने आ रहा है।
विशेषज्ञ मानते है कि लोगों में एक भ्रामक धारणा यह भी है कि खर्राटे गहरी नींद के कारण आते हैं, लेकिन सच तो यह है कि खर्राटों से व्यक्ति ठीक से अपनी नींद पूरी नहीं कर पाता। स्लीप एपनिया स्पेशलिस्ट डॉ. एम के गुप्ता के अनुसार रात में नींद में अवरोध होने के कारण खर्राटे भरने वाले दिन में सुस्त दिखाई देते हैं और दिन में सोने की इच्छा भी रखते हैं।
उन्होंने बताया कि कुछ मरीजों को करवट लेकर सोने से खर्राटे नहीं आते, जबकि कुछ को नॉजल ड्रॉप्स डालने से आराम मिलता है। कुछ मरीजों को मशीन लगाने से भी आराम मिलता है। परेशानी बढऩे पर गले का ऑपरेशन भी किया जाता है। यदि समस्या बहुत ज्यादा ही गंभीर हो तो गले में ट्रेकिया में छेद कर पीडि़त व्यक्ति को राहत दी जाती है।
स्ट्रोक का खतरा
खर्राटे अधिक आने पर पालीसाइटमियो रोग भी हो सकता है। इस रोग में रक्त कणों की संख्या बढऩे के कारण खून में गांठें पड़ सकती हैं। यदि ये गांठें उन रक्त वाहिनियों में पहुंच जाएं जो हृदय में रक्त ले जाती हैं तो व्यक्ति को पक्षाघात, हार्ट अटैक तथा ब्रेन हेमरेज जैसी बीमारियां हो सकती हैं। खर्राटों के कारण दिल की धड़कन अनियमित हो सकती है। अल्सर और एसिडिटी की शिकायत भी हो सकती है। हाई ब्लड प्रेशर का खतरा बढ़ सकता है। अचानक मृत्यु भी हो सकती है।
ऑक्सीजन की कमी
सोते समय श्वसन में खर्राटों के कारण अवरोध आ जाता है। कई बार तो सांस इतनी अवरुद्ध हो जाती है कि व्यक्ति बेचैनी एवं घुटन के कारण हडबड़ाकर उठ जाता है। यह सब ऑक्सीजन की कमी के कारण होता है।
ये हैं कारण
स्लीप एपनिया सांस में अवरोध की बीमारी है। यह अवरोध नींद के दौरान पैदा होता है। खर्राटों का कोई एक निश्चित कारण नहीं होता। बहुत से कारण जैसे पुरानी सर्दी, नाक में मस्से होना या नाक का पर्दा सीधा न होना आदि कारणों से सांस में रुकावट पैदा हो जाती है। अधिक मोटापे के कारण भी खर्राटों की शिकायत हो सकती है।
Updated on:
16 Mar 2018 10:38 am
Published on:
16 Mar 2018 10:22 am
बड़ी खबरें
View Allजयपुर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
