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विश्व थायराइड दिवस: छोटे बच्चे भी आ रहे हैं थायराइड की चपेट में

जयपुर. थायराइड एक आम बीमारी बनती जा रही है। अब छोटे बच्चे भी इसकी चपेट में आ रहे हैं। विशेषज्ञों ने इसे चिंताजनक बताया है।

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विश्व थायराइड दिवस: छोटे बच्चे भी आ रहे हैं थायराइड की चपेट में

जयपुर. थायराइड एक आम बीमारी बनती जा रही है। अब छोटे बच्चे भी इसकी चपेट में आ रहे हैं। विशेषज्ञों ने इसे चिंताजनक बताया है।
डॉक्टरों के अनुसार थायराइड के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। महिला-पुरुष ही नहीं नवाजात भी इसका शिकार हो रहे हैं। राजधानी के महिला अस्पताल, जनाना अस्पताल व गणगौरी अस्पताल, कावंटिया अस्पताल समेत अन्य सरकारी व निजी अस्पतालों में हर माह 8 से 10 नवजात जांच में थायराइड से ग्रस्त पाए जा रहे हैं।
ज्यादातर बच्चों में लंबे समय के बाद राहत मिल जाती है, लेकिन कुछ बच्चों को इसकी जीवनभर दवा लेनी पड़ती है। एक रिपोर्ट के अनुसार गत वर्ष राजधानी में 30 हजार बच्चों की स्क्रीनिंग की गई थी। उनमें 20 से ज्यादा बच्चों में थायराइड के लक्षण मिले थे। हालांकि बड़े बच्चों में हाइपरथायराइडिज्म होता है। उनके विकार अलग होते हैं।
मानसिक व शारीरिक विकास प्रभावित
- इस बीमारी से ग्रस्त बच्चों का शारीरिक व मानसिक विकास नहीं हो पाता है। कई दिक्कते झेलनी पड़ती है। जेके लोन अस्पताल में हर माह इससे ग्रस्त मरीज आते हैं। वर्तमान में तीन नवजात उपचाररत है। हालांकि इस बीमारी में परिजनों को घबराने की जरुरत नहीं है क्योंकि इलाज सस्ता और आसानी से उपलब्ध है। लेकिन सावधानी बरतने की जरुरत है। समय समय पर इसकी जांच कराते रहे।
-डॉ. अशोक गुप्ता, वरिष्ठ शिशुरोग विशेषज्ञ, जेके लोन अस्पताल