
World Tourism Day: रोजाना 10 से 15 हजार पर्यटक, 500 करोड़ होंगे खर्च
World Tourism Day जयपुर। कोविड के दो साल बाद पर्यटन पर पटरी पर दौड़ने लगा है। पर्यटन उद्योग गति पकड़ रहा है, वहीं प्रदेश के पर्यटन स्थलों व संग्रहालयों पर सैलानियों की भीड़ नजर आने लगी है। राजधानी जयपुर में संग्रहालयों को भी देखने पर्यटक पहुंचने लगे है। ट्यूरिस्ट सीजन भी शुरू हो चुका है, पर्यटन को लेकर सरकार की कई योजनाएं भी धरातल पर उतर रही है। शाही ट्रेन भी जल्द पटरी पर दौड़ेगी...
राजधानी के प्रमुख पर्यटक स्थल आमेर महल, हवामहल, जंतर-मंतर, नाहरगढ फोर्ट, अलबर्ट हॉल सहित अन्य संग्रहालयों को देखने के लिए रोजाना हजारों पर्यटक पहुंच रहे है। पर्यटकों को सबसे अधिक आमेर महल, हवामहल और नाहरगढ़ फोर्ट लुभा रहा है। शहर के पर्यटन स्थलों पर रोजाना 10 से 15 हजार पर्यटक पहुंचे रहे है।
राजधानी में रोजाना पहुंच रहे पर्यटक
पर्यटक स्थल - सैलानी
आमेर महल - 4 हजार से 5 हजार
हवामहल - 3 हजार से 4 हजार
नाहरगढ़ फोर्ट - 3 हजार से 4 हजार
जंतर-मंतर - 2 हजार से 3 हजार
अल्बर्ट हॉल - 2 हजार से 3 हजार
ईसरलाट - 100 से 200
पर्यटन विकास योजना पर काम
सरकार ने पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए 'पर्यटन विकास योजना' तैयार की है। इस योजन के तहत पर्यटन के आधारभूत ढांचे के विकास पर फोकस किया गया है। वहीं सरकार ने राजस्थान पर्यटन नीति लागू कर रखी है, इसमें गेस्ट हाउस स्कीम, हैरिटेज प्रमाण पत्र गाइडलाइन जैसी योजनाएं चल रही है।
500 करोड़ के पर्यटन कोष का गठन
सरकार ने पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए 500 करोड़ रुपए के पर्यटन विकास कोष का गठन किया है। इसमें से 200 करोड़ रुपए में पर्यटन की ब्रांडिग पर खर्च किए जा रहे है, वहीं 300 करोड रुपए पर्यटन क्षेत्र के विकास पर खर्च होंगे।
300 करोड में होगा धार्मिक पर्यटन स्थलों का विकास
धार्मिक व ऐतिहासिक पर्यटन स्थलों के विकास के लिए 300 करोड़ का बजट रखा। इस बजट से 80 विकास के काम चिह्नत किए गए। वहीं 42 विकास के काम की कवायद शुरू।
शाही रेलगाड़ी पैलेस ऑन व्हील जल्द लौटेगी पटरी पर
प्रदेश में करीब 30 महीने से अधिक समय बाद पर्यटक फिर शाही सफर कर सकेंगे। राजस्थान पर्यटन विकास निगम की ओर से संचालित शाही रेलगाड़ी पैलेस ऑन व्हील जल्द पटरी पर लौटेगी। इस शाही रेलगाड़ी का पहले ट्रायल रन होगा। इसके बाद शाही रेलगाड़ी का पहला टूर 12 अक्टूबर से शुरू होगा। ट्रेन के संचालन को लेकर विभाग ने सभी तैयारियां पूरी कर ली है। ट्रैन का ट्रायल रन जयपुर से प्रारंभ होकर सवाई माधोपुर, बूंदी, चित्तौड़गढ़, उदयपुर, अजमेर होते हुए जयपुर को समाप्त होगा।
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विश्व मानचित्र पर लोगों की पसंद
बहरहाल कोविड के दो साल बाद पर्यटन पटरी पर दौड़ने लगा है। प्रदेश की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक छटा को निहारने देशी-विदेशी सैलानी पहुंच रहे है। सरकार का भी पर्यटन उद्योग पर फोकस है। इससे सरकार की आय भी बढ़ेगी, वहीं राजस्थान फिर से पर्यटन के विश्व मानचित्र पर लोगों की पसंद बनेगा।
Published on:
27 Sept 2022 02:34 pm
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