
दुनिया में इस तबाही के बाद आया Tsunami Awareness Day
जयपुर
world tsunami awareness day 2019 : डेढ़ दशक पहले हिंद महासागर में आए भूकंप से उठी सुनामी ने कई देशों में तबाही मचा दी थी। इस तबाही के बाद दुनिया में इस तरह की आपदाओं से होने वाले जोखिम को कम करने के लिए कोशिश तेज हुईं। इसके तहत 2015 में संयुक्त राष्ट्र की महासभा ने 5 नंवबर के दिन को विश्व सुनामी जागरूकता दिवस के रूप में नामांकित किया और 2016 से पहली बार दुनिया में यह दिन मनाया जाने लगा। आपको बता दें कि सुनामी शब्द दो शब्दों से मिलकर बना है। सुनामी नाम जापानी के "tsu" और "nami" से मिलकर बना है। इसमें "tsu"का मतलब होता है बंदरगार जबकि "nami" का अर्थ होता है लहर। इस तरह सुनामी पानी के नीचे उत्पन्न हुई अशांति जो भूस्खलन या भूकंप से हो सकती है। इन स्थितियों से बनी बड़ी लहरों की एक श्रृंखला को सुनामी कहा जाता है। आमतौर पर ये लहरें भूकंप से संबंधित होती हैं। ये लहरें किसी सागर या उसके आसपास उठती हैं तारे सागर के पानी में उथल पुथल मचने से यह पानी देखते ही देखते विकराल रूप धारण करके तबाही मचा डालता है। इससे खासतौर पर उन इलाकों में नुकसार ज्यादा होता है जो विशेषकर तटीय क्षेत्र होते हैं। यहां रहने वाले लोगों को सुनामी बुरी तरह से प्रभावित कर सकती है।
वर्ल्ड सुनामी अवेयरनेस डे के इतिहास पर नजर डाले तो आपको बता दें कि वर्ष 2004 में हिंद महासागर के पानी ने विकराल रूप धारण किया। हिंद महासागर में भूकंप के कारण सुनामी उठी। जिसने लगभग 15 देशों में करीब पांच लाख लोगों को बुरी तरह से प्रभावित किया। सुनामी में काफी कुछ तहस नहस हो गया। सुनामी एक वैश्विक समस्या है। वर्ष 2015 में संयुक्त राष्ट्र की महासभा ने 5 नवंबर के दिन को विश्व सुनामी जागरूकता दिवस के रूप में घोषित किया। उसके बाद से दुनिया भर में सुनामी के बारे में लोगों को सामान्यतौर जागरूकता करने के लिए कई कार्यक्रम किए जाते हैं। दुनिया में 2016 को पहली बार विश्व सुनामी जागरूकता दिवस नाया गया।
भारत में हुआ यह आयोजन
पहली बार मनाए गए विश्व सुनामी जागरूकता दिवस के तहत डिजास्टर रिस्क रिडक्शन (DRR) चैंपियंस में AMCDRR (एशियन मिनिस्टर कांफ्रेंस फॉर डिजास्टर रिस्क रिडक्शन) की घटनाओं का आयोजन किया गया। इतना ही नहीं, आपदा जोखिम कम करने के लिए संयुक्त राष्ट्र कार्यालय के सहयोग से भारत में केन्द्र सरकार ने भी नई दिल्ली के विज्ञान भवन में 2016 में ही 3 से 5 नवंबर तक एक सम्मेलन आयोजित किया। हालांकि सुनामी तुलनात्मक रूप से प्राकृतिक आपदा का एक असाधारण प्रकार है। भविष्य में भी यह दुनिया के कई देशों में विनाश का कारण बनता है। यह दुनिया के लिए एक संभावित गंभीर खतरा है
Published on:
04 Nov 2019 07:12 pm
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