
Year Ender 2022:भर्ती की घोषणाएं अपार, लेकिन पेपर लीक में बीता पूरा साल
Year Ender 2022 साल 2022 की विदा होने वाला है। इस पूरे साल शिक्षा विभाग में ऐसे कई काम हुए जो चर्चा में रहे। एक ओर एक के बाद एक कई भर्ती परीक्षाओं के पेपर आउट हुए तो वहीं दूसरी ओर सरकार ने 48000 पदों पर भर्ती की घोषणा की, सरकारी स्कूलों में बाल वाटिका शुरू करने वाला राजस्थान देश का पहला राज्य बना तो पहली से आठवीं तक के स्कूली विद्यार्थियों को निशुल्क यूनिफॉर्म के साथ मिल्क पाउडर से बने दूध वितरण योजना की शुरुआत की गई। हालांकि साल भर के इंतजार के बाद भी ग्रेड थर्ड के शिक्षकों के तबादले नहीं हो सके। बड़ी संख्या में महात्मा गांधी स्कूल खोले गए लेकिन स्कूलों में रिक्त पदों को भरने के लिए विद्या संबल योजना परवान नहीं चढ़ पाई।
भर्ती परीक्षाओं में अनियतमितता का साल
वर्ष 2022 में कई भर्ती परीक्षाएं हुईं और इनमें से कई परीक्षाओं में अनियमितता के मामले सामने आए और जाते जाते हुए भी एक और भर्ती परीक्षा यानी सैकेंड ग्रेड शिक्षक भर्ती परीक्षा में पेपर लीक के एक और कलंक लग गया। राजस्थान लोक सेवा आयोग (आरपीएससी) की वरिष्ठ अध्यापक भर्ती परीक्षा ग्रुप सी की पहली पारी में होने वाला सामान्य ज्ञान परीक्षा पेपर हाल में ही लीक मानकर स्थगित कर दिया गया। सख्ती के दावे और कड़े क़ानून के प्रावधानों के बाद भी कई भर्ती परीक्षाओं के पेपर आउट हो गए।जिसके चलते सरकार की किरकिरी हुई। इसके अलावा वनरक्षक भर्ती परीक्षा 2022 अनियमितताओं के कारण रद्द हुई थी। बोर्ड की यह अभी तक की सबसे बड़ी भर्ती परीक्षा थी, लेकिन निरस्त हो गई। इसे बाद में फिर से करावा गया था।
इससे पूर्व जेईएन भर्ती 2022 में जयपुर के एक इंजीनियरिंग कॉलेज से ऑनलाइन पेपर लीक होने की बात से हड़कंप मचा रहा। इसके पीछे तकनीकी समस्या बताई गई। एक सेंटर का पेपर दोबारा करवाने की बात पर मामला शांत हुआ। पुलिस कांस्टेबल भर्ती 2022 में भी पेपर लीक हुआ। 14 मई की दूसरी पारी के प्रश्न पत्र को खुद पुलिस ने रद्द किया।
48000 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया नहीं हो पाई पूरी
46500 पदों के लिए रीट परीक्षा का आयोजन किया गया, सितंबर में रिजल्ट आया। लेवल-2 की परीक्षा में 6,03,228 अभ्यर्थी और रीट लेवल-1 की परीक्षा में 2,03,609 अभ्यर्थी पात्र घोषित किए गए, लेकिन भर्ती प्रक्रिया इस साल पूरी नहीं हो पाई। अभ्यार्थियों की ओर से लगातार की जा रही मांग के बाद सरकार ने पदों की संख्या में वृद्धि कर 48000 कर दिया, हाल ही में चयन बोर्ड ने पात्र अभ्यार्थियों से आवेदन मांगे है, परीक्षा अगले साल फरवरी में होगी।
बालवाटिका’ शुरू करने वाला पहला राज्य बना राजस्थान
इस साल राजस्थान अंग्रेजी माध्यम में सरकारी स्कूलों में पूर्व प्राथमिक कक्षाओं का संचालन करने वाला देश का एकमात्र राज्य बन गया है। सरकार ने नई शिक्षा नीति के तहत 1090 सरकारी स्कूल में प्री-प्राइमरी कक्षाएं शुरू करने का निर्णय लिया है। इन्हें ‘बालवाटिका’ का नाम दिया गया है। बीच सेशन में प्रदेश के 925 महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय अंग्रेजी माध्यम में इसकी शुरुआत की जा चुकी है। हर कक्षा में 25 बच्चों को लॉटरी के माध्यम से चुना जाएगा। 6 जनवरी से शिक्षण कार्य प्रारंभ होगा। इन बाल वाटिका में तीन व इससे अधिक आयु वर्ग के बच्चों काे प्रवेश दिया जा रहा है। सर्दी में वाटिका का समय 1 अक्टूबर से 31 मार्च तक 10 से 2 बजे और गर्मी में 1 अप्रैल से 30 सितंबर तक सुबह 8 से 12 बजे रखा गया है।
60 लाख बच्चों को निशुल्क यूनिफॉर्म का वितरण
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की ओर से की गई बजट घोषणा के मुताबिक निशुल्क यूनिफार्म वितरण योजना को अमलीजामा पहनाने की शुरुआत की गई है। योजना के तहत 64479 सरकारी स्कूलों के कक्षा 1 से कक्षा 8 तक के 60 लाख विद्यार्थियों को यूनिफॉर्म फैब्रिक उपलब्ध कराए जा रहा है। विद्यार्थियों को यूनिफॉर्म फैब्रिक के दो सेट उपलब्ध कराए जा रहे हैं, यूनिफॉर्म ड्रेस की सिलाई के लिए 200 रुपए विद्यार्थियों के बैंक खाते में भेजे जाने काम शुरू कर दिया गया है।
60 लाख स्कूली बच्चों को मिल्क पाउडर के दूध का वितरण
मुख्यमंत्री बाल गोपाल योजना के तहत कक्षा एक से आठवीं तक के 60 लाख बच्चों को मिड डे मील के साथ मिल्क पाउडर से बने दूध के दूध भी उपलब्ध कराने की योजना 29 नवंबर को शुरू की गई। कक्षा 1 से 5 तक के बच्चों को 15 ग्राम पाउडर दूध से 150 मिलीमीटर दूध और कक्षा 6 से 8 तक के बच्चों के लिए 20 ग्राम पाउडर दूध से 200 मिलीमीटर दूध स्कूलों द्वारा पीने के लिए उपलब्ध कराया जा रहा है। बच्चों को सप्ताह में 2 दिन अर्थात मंगलवार एवं शुक्रवार को मिल्क पाउडर उपलब्ध कराया जा रहा है।
शिक्षाकर्मी बोर्ड किया भंग
1984 में आरंभ किया गया शिक्षाकर्मी बोर्ड को इसी माह भंग कर दिया गया और उसमें कार्यरत कार्मिकों का समायोजन करने के आदेश जारी किए गए।
ग्रेड थर्ड शिक्षकों की तबादलों की आस रही अधूरी
पूरे साल भर शिक्षा विभाग में तबादलों का दौर चलता रहा। हजारों की संख्या में वरिष्ठ अध्यापक, प्रधानाचार्य, प्रधानाध्यापक सहित अन्य शिक्षकों के तबादले किए ग्ए, ग्रेड थर्ड के शिक्षक अपने तबादले का इंतजार करते रहे लेकिन उन्हें निराशा ही हाथ लगी। शिक्षकोंं ने इस मांग को लेकर कई बार धरने और प्रदर्शन भी किए लेकिन शिक्षा मंत्री डॉ. बीडी कल्ला बने तबादला नीति के बाद ही तबादले किए जाने की बात कही।
800 से अधिक स्कूल हुए महात्मा गांधी स्कूल में रूपांतरित
सरकार की बजट घोषणा के अनुरूप इस साल 800 से अधिक सरकारी स्कूलों को महात्मा गांधी स्कूलों में रूपांतरित किया गया। जिसके बाद राजधानी जयपुर सहित कई जिलों में इनका विरोध भी हुआ।
विद्या संभाल फेल अब संविदा पर 10 हजार शिक्षकों की नियुक्ति का एलान
इन स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति करने के लिए साक्षात्कार की प्रक्रिया आयोजित की गई लेकिन पद रिक्त रहने के बाद विद्या संबल योजना के जरिए रिक्त पदों को भरने का निर्णय लिया गया। आवेदन भी मांगे गए लेकिन एनवक्त पर निदेशालय ने इस पूरी प्रक्रिया को ही रदद कर दिया। इसके बाद अब सरकार ने 10000 पदों पर संविदा के जरिए शिक्षक भर्ती किए जाने की घोषणा की।
शिक्षा राज्य मंत्री के दायित्वों में वृद्धि
शिक्षा राज्य मंत्री जाहिदा खान के अधिकार और दायित्वों में भी बढोतरी हुई। उन्हें शिक्षा मंत्री के समान तबादले करवाए जाने के अधिकार मिले जिससे उनका कद भी बढा।
इंजीनियरिंग और पॉलिटेक्नीक कॉलेजों में मल्टी एन्ट्री, मल्टी एक्जिट सिस्टम
जयपुर। प्रदेश के पॉलिटेक्नीक और इंजीनियरिंग कॉलेजों में मल्टी एंट्रीएमल्टी एग्जिटएमल्टी डिसीप्लिनरी योजना लागू करने का निर्णय लिया गया। इससे उन छात्र-छात्राओं को लाभ होगा, जिनकी पढ़ाई किसी कारणवश बीच में ही छूट गई और वे फिर से दाखिला लेकर कोर्स पूरा करना चाहते हैं। उन्होंने पहले पढ़ाई की थी, वे उसके अगले स्तर पर फिर से दाखिला ले सकेंगे।
छात्रसंघ चुनाव का बजा बिगुल
कोविड के कारण दो साल से छात्रसंघ चुनाव नहीं हो सके थे और राजस्थान विवि सहित अन्य सभी विवि और कॉलेजों के छात्र चुनाव करवाए जाने की मांग कर रहे थे। सरकार ने छात्रसंघ चुनाव को हरी झंडी दी जिसके बाद चुनाव करवाए गए, हालांकि इस बार राजस्थान विवि में छात्रसंघ चुनाव की प्रक्रिया के दौरान जमकर हंगामा हुआ, आरोप प्रत्यारोप के दौर चले और अंत में निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में निर्मल चौधरी को छात्रसंघ अध्यक्ष चुना गया।
राजस्थान राज्य उच्च शिक्षा परिषद का पुनर्गठन
सरकार ने राजस्थान राज्य उच्च शिक्षा परिषद का पुनर्गठनकर कुछ सदस्यों को शामिल किया। इसमें तीन सदस्य यूनिवर्सिटी के कुलपति हैं। जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.केएल श्रीवास्तव, डॉ.भीमराव अम्बेडकर लॉ यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर प्रो.देवस्वरूप के साथ ही हरिदेव जोशी पत्रकारिता विवि जयपुर के कुलपति सुधि राजीव शामिल हैं। इनके साथ ही कला संस्कृति, विज्ञान से जुड़े विभिन्न लोगों को भी शामिल किया गया। जिसमें कृषि विशेषज्ञ प्रो.एलएन हर्ष व संविधान विशेषज्ञ डॉ.दिनेश गहलोत, उदयपुर के मीरा गल्र्स कॉलेज से डॉ.नदीम चिश्ती, बनारस से प्रो. सतीश राय, कॉलेज शिक्षा निदेशालय से सेवानिवृत्त संयुक्त निदेशक प्रो.एसआर नियाजी, एमडीएस यूनिवर्सिटी, अजमेर के पूर्व कुलपति प्रो.रूप सिंह बारेठ, एमएलएस विवि उदयपुर की बॉटनी विभाग से रिटायर प्रो.कनिका व्यास, डॉ.आरडी सैनी और डॉ. सज्जन पोसवाल को दो वर्ष के लिए शामिल किया गया है। यह परिषद प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों के बीच एक सेतु की भूमिका निभाएगी।
Published on:
31 Dec 2022 09:17 am
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